UNGA 81: युवाओं की शिक्षा, रोजगार और AI को लेकर विश्व नेताओं ने जताई चिंता
UNGA 81 में युवाओं की शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। विश्व नेताओं ने AI से जुड़ी असमानता, डिजिटल विभाजन और रोजगार की चुनौतियों पर भी चर्चा की।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान विश्व नेताओं ने युवा आबादी को वैश्विक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। नेताओं ने साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव को लेकर असमानता, रोजगार और डिजिटल विभाजन जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की।
युवा आबादी को अवसर देने पर जोर
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया में 15 से 24 वर्ष की उम्र के करीब 1.2 अरब युवा हैं। युवाओं की क्षमता को विकास में बदलने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अनुरूप कौशल और ऐसा श्रम बाजार जरूरी है जो नए कामगारों को अवसर दे सके।
जाम्बिया के विदेश मंत्री मुलाम्बो हामाकुनी हैम्बे ने अफ्रीका की तेजी से बढ़ती युवा आबादी को वैश्विक अवसर से जोड़ते हुए शिक्षा, कौशल, तकनीक, उद्यमिता और सम्मानजनक रोजगार पर निवेश की जरूरत बताई।
रोजगार और आर्थिक मजबूती का संबंध
इंडोनेशिया और मेक्सिको समेत कई देशों ने युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर आय को आर्थिक विकास से जोड़ा। मेक्सिको ने शिक्षा, रोजगार और संस्थागत क्षमता को विकास तथा सुरक्षा से जोड़ने की बात रखी।
मेक्सिको के विदेश मंत्री रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज ने युवाओं के लिए बेहतर अवसर और वेतन को आर्थिक नीति के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर प्रस्तुत किया।
AI से रोजगार और असमानता की चुनौती
दक्षिण कोरिया ने AI के तेजी से विस्तार के बीच युवाओं के रोजगार और आर्थिक भविष्य को लेकर पैदा हो रही अनिश्चितता पर ध्यान दिलाया। चर्चा में यह चिंता भी सामने आई कि यदि तकनीकी लाभ समान रूप से उपलब्ध नहीं हुए तो AI मौजूदा असमानताओं को और बढ़ा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष के कार्यालय ने भी AI के संदर्भ में डिजिटल विभाजन कम करने, डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और विकासशील देशों की क्षमता निर्माण पर जोर दिया है।
इंसानी नियंत्रण और जवाबदेही पर जोर
सिंगापुर ने AI के साथ विज्ञान, डिजिटल बुनियादी ढांचे और कौशल में निवेश बढ़ाने की जरूरत बताई। चर्चा में AI के इस्तेमाल में मानव नियंत्रण, जवाबदेही और सुरक्षित तकनीकी व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया गया।
संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर भी AI के लिए ऐसी व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया गया है जिसमें मानव गरिमा, सुरक्षा और समान अवसरों को ध्यान में रखा जाए।
भारत के लिए भी अहम मुद्दा
भारत जैसे बड़ी युवा आबादी वाले देश के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का विस्तार महत्वपूर्ण विषय है। इसके साथ ही तेजी से बदलती तकनीक के अनुरूप युवाओं को तैयार करना और AI के लाभों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करना भी नीति निर्माण का हिस्सा बन रहा है।
UNGA 81 की चर्चाओं से यह संकेत मिला कि युवा आबादी को विकास का लाभार्थी ही नहीं, बल्कि तकनीकी और आर्थिक बदलाव में सक्रिय भागीदार बनाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोर बढ़ रहा है।
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