UPI के 10 साल पूरे, 11 देशों तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट नेटवर्क
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने अपनी शुरुआत के 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान यह भारत के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट सिस्टम में शामिल हो गया है और अब 11 देशों में इसकी सेवाएं उपलब्ध हैं। केंद्रीय मंत्रियों ने UPI की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए इसे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी सफलता बताया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2016-17 में 1.78 करोड़ वार्षिक लेन-देन से बढ़कर 2025-26 में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 24,162 करोड़ हो गई।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI को लॉन्च हुए एक दशक पूरा हो गया है। इस दौरान भारत की यह डिजिटल भुगतान व्यवस्था देश में रोजमर्रा के लेन-देन का महत्वपूर्ण माध्यम बनने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुकी है। अब UPI की सेवाएं 11 देशों तक पहुंच चुकी हैं।
वित्त मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, फ्रांस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस और मॉरिशस समेत कई देशों में UPI से जुड़ी भुगतान सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार को भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक पहुंच बढ़ने के रूप में देखा जा रहा है।
एक दशक में हजारों गुना बढ़ा इस्तेमाल
UPI के इस्तेमाल में पिछले 10 वर्षों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में जहां UPI पर सिर्फ 1.78 करोड़ वार्षिक लेन-देन दर्ज किए गए थे, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गया।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यह करीब 13,000 गुना वृद्धि को दर्शाता है। इस विस्तार से पता चलता है कि डिजिटल भुगतान अब भारत में आर्थिक गतिविधियों का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
मंत्रियों ने गिनाईं UPI की उपलब्धियां
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने UPI को डिजिटल इंडिया की सोच का परिणाम बताते हुए इसके बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि QR कोड के जरिए भुगतान अब आम भारतीयों की रोजमर्रा की आदतों में शामिल हो चुका है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी UPI के प्रभाव को रेखांकित किया। उनके अनुसार, डिजिटल भुगतान ने लेन-देन को तेज और आसान बनाने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में मदद की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने UPI को तकनीक और नवाचार के जरिए भारत में आए बदलाव का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक दशक में भारत ने रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है।
11 देशों तक पहुंचा भारतीय डिजिटल पेमेंट मॉडल
UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार इसके विकास की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, ग्रीस और मॉरिशस के अलावा अन्य देशों में भी इससे जुड़ी भुगतान सेवाएं उपलब्ध हैं।
भारत में डिजिटल भुगतान को आसान बनाने से शुरू हुआ UPI अब सीमा पार लेन-देन की सुविधा देने वाले सिस्टम के रूप में भी विकसित हो रहा है। इससे भारतीय डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की अंतरराष्ट्रीय उपयोगिता को बढ़ावा मिल रहा है।
आम लोगों के भुगतान का बदला तरीका
UPI ने बैंक ट्रांसफर और डिजिटल भुगतान को काफी सरल बनाया है। मोबाइल फोन और QR कोड के जरिए कुछ ही समय में भुगतान किया जा सकता है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक इसका इस्तेमाल बढ़ा है।
UPI के विस्तार ने डिजिटल भुगतान को महानगरों तक सीमित रखने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में आम लोगों तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाई है।
आगे भी विस्तार की उम्मीद
10 वर्षों में UPI ने भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार कर लिया है। बढ़ते ट्रांजैक्शन, नई सुविधाओं और विदेशों में विस्तार के साथ आने वाले वर्षों में इसके और व्यापक होने की संभावना है। सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी इसके अगले चरण के प्रमुख क्षेत्र हो सकते हैं।
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