एशियन पैरा गेम्स 2026: सुवर्णा राज को गोल्ड, स्वाति चौधरी ने जीता सिल्वर
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की एफ54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 15.66 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, स्वाति चौधरी ने डब्ल्यू1 इंडिविजुअल आर्चरी के फाइनल में चीन की मेंगकान सेन से 4-6 से हारने के बाद रजत पदक अपने नाम किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो और पदक अपने नाम किए। सुवर्णा राज ने महिलाओं की एफ54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि पहली बार इन खेलों में हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी ने महिलाओं की डब्ल्यू1 इंडिविजुअल आर्चरी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।
सुवर्णा राज ने 15.66 मीटर थ्रो के साथ जीता गोल्ड
महिलाओं की एफ54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सुवर्णा राज ने 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी छह कोशिशों में पांच बार डिस्कस को 15 मीटर से आगे फेंका। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पांचवें प्रयास में आया, जिसने उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया।
ईरान की शाहला हदीदी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। वहीं, वियतनाम की थी न्गोक थ्यू गुयेन ने 14.65 मीटर की दूरी तय कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं सुवर्णा
सुवर्णा राज वर्ष 2017 से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अनुशासित अभ्यास और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाई है। वह तीन एशियन पैरा गेम्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं।
एफ54 एक सीटेड थ्रोइंग वर्ग है। इसमें ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनकी शारीरिक स्थिति के कारण धड़ और निचले अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
खेल के साथ एक्सेसिबिलिटी के लिए भी काम
सुवर्णा राज खेल के अलावा एक्सेसिबिलिटी विशेषज्ञ और दिव्यांगजन अधिकारों की समर्थक के रूप में भी सक्रिय हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह देशभर में 1,000 से अधिक एक्सेसिबिलिटी ऑडिट कर चुकी हैं। उन्होंने सुलभ चुनावों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग की ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी काम किया है।
स्वाति चौधरी ने डब्ल्यू1 आर्चरी में जीता सिल्वर
भारतीय तीरंदाज स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में पदार्पण करते हुए महिलाओं की डब्ल्यू1 इंडिविजुअल आर्चरी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना चीन की मेंगकान सेन से हुआ।
दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन स्वाति को 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के साथ उन्होंने रजत पदक जीता।
चुनौतीपूर्ण वर्ग में स्वाति का उल्लेखनीय प्रदर्शन
डब्ल्यू1 तीरंदाजी वर्ग में गंभीर शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस वर्ग में उच्च स्तर पर पहुंचने के लिए तकनीकी कौशल, एकाग्रता और निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है।
सीमित वित्तीय सहायता के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन जारी रखने वाली स्वाति की उपलब्धि भारतीय पैरा खेलों के लिए अहम है। सुवर्णा राज का स्वर्ण और स्वाति चौधरी का रजत पदक एशियन पैरा गेम्स में भारत के प्रदर्शन को मजबूती देता है।
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