BRICS Summit 2026: दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 15 हजार पुलिसकर्मी और 200 कंपनियां तैनात

नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के 15 हजार जवानों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों की तैनाती के साथ 500 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान 35 से ज्यादा प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।

Sep 11, 2026 - 10:21
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BRICS Summit 2026: दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 15 हजार पुलिसकर्मी और 200 कंपनियां तैनात

नई दिल्ली में शनिवार से शुरू हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत कर दी गई है। सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है, जिसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। विदेशी मेहमानों की आवाजाही वाले मार्गों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

500 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली के प्रमुख इलाकों में 500 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक वाली प्रणालियां भी शामिल हैं।

इन कैमरों के जरिए महत्वपूर्ण स्थानों और प्रमुख मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।

वीवीआईपी काफिलों के दौरान ट्रैफिक में बदलाव

दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि BRICS सम्मेलन के कारण पूरी दिल्ली में यातायात बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अन्य वीवीआईपी मेहमानों के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़ी देर के लिए वाहनों को रोका जा सकता है।

सुरक्षा परिस्थितियों के अनुसार कुछ रास्तों पर डायवर्जन या प्रवेश प्रतिबंध भी लागू किए जा सकते हैं।

आम यातायात को सामान्य रखने की कोशिश

अधिकारियों के मुताबिक जिन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, वहां सामान्य यातायात जारी रहेगा। वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान वाहनों को रोकने की कोई एक निश्चित अवधि तय नहीं होगी। परिस्थितियों के अनुसार ट्रैफिक को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों को कम से कम असुविधा हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

पुतिन पहुंचे दिल्ली, शी चिनफिंग भी होंगे शामिल

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सम्मेलन में भागीदारी की पुष्टि की है। यह करीब सात साल के अंतराल के बाद उनकी भारत यात्रा होगी।

इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और WHO प्रमुख समेत कई प्रमुख हस्तियां सम्मेलन में शामिल होंगी।

एयरपोर्ट से भारत मंडपम तक सुरक्षा घेरा

विदेशी नेताओं की आवाजाही वाले रूट का दिल्ली पुलिस ने व्यापक निरीक्षण किया है। सुरक्षा व्यवस्था हवाई अड्डे से लेकर नेताओं के होटल, भारत मंडपम और उनके अन्य कार्यक्रम स्थलों तक लागू रहेगी।

दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों, विभिन्न सरकारी विभागों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय बैठकें की हैं।

35 से ज्यादा सड़कें हो सकती हैं प्रभावित

यातायात पुलिस के अनुसार BRICS सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। इनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।

दक्षिणी दिल्ली में ट्रैफिक दबाव की आशंका

साकेत स्थित होटल से मध्य दिल्ली की ओर विदेशी प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के दौरान दक्षिणी दिल्ली के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। खासकर व्यस्त समय में लोगों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले जारी यातायात परामर्श को ध्यान में रखने की अपील की है।

रोजाना 70-80 से ज्यादा हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट

BRICS सम्मेलन में बड़ी संख्या में विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी के कारण हर दिन कई हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार किसी नेता की एयरपोर्ट से होटल, होटल से सम्मेलन स्थल और वहां से अन्य बैठकों या कार्यक्रमों तक आवाजाही के दौरान एक दिन में करीब 70-80 या इससे अधिक हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट हो सकते हैं।

वीवीआईपी मूवमेंट का ट्रैफिक पर असर

प्रत्येक वीवीआईपी काफिले के लिए अलग से यातायात नियंत्रण, प्रवेश प्रतिबंध और रूट डायवर्जन की व्यवस्था करनी पड़ती है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान आम यात्रियों पर असर सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में अधिक हो सकता है।

दिल्ली पुलिस और यातायात विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात को यथासंभव सुचारू रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

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