BRICS Summit 2026: पीएम मोदी बोले- नई दिल्ली सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर होगी सकारात्मक चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले उम्मीद जताई कि नई दिल्ली में वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। भारत 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जबकि सम्मेलन से पहले पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

Sep 11, 2026 - 09:12
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BRICS Summit 2026: पीएम मोदी बोले- नई दिल्ली सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर होगी सकारात्मक चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि नई दिल्ली में होने वाला 18वां BRICS शिखर सम्मेलन वैश्विक महत्व के मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक विचार-विमर्श का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं के केंद्र में वैश्विक कल्याण की भावना और साझा हितों को आगे बढ़ाने की आकांक्षा रहेगी।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संस्कृत श्लोक साझा करते हुए दो दिवसीय BRICS सम्मेलन के महत्व को रेखांकित किया।

शनिवार से शुरू होगा 18वां BRICS Summit

भारत की 2026 की अध्यक्षता में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन शनिवार से नई दिल्ली में शुरू होगा। इसमें BRICS के सदस्य और साझेदार देशों के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे।

सम्मेलन के दौरान समूह के भीतर सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे पीएम मोदी

BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

BRICS बिजनेस फोरम में शामिल होंगे पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। शिखर सम्मेलन से पहले होने वाले इस मंच में BRICS देशों के कारोबारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं।

इस दौरान आर्थिक सहयोग, निवेश और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

वैश्विक शासन में बढ़ा BRICS का महत्व

BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर चुका है। समूह के जरिए सदस्य देश आर्थिक और विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर विचार साझा करते हैं और वैश्विक शासन से जुड़े विषयों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने की कोशिश करते हैं।

BRICS का दायरा अब विकास, वित्त, व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों तक फैल चुका है।

ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर जोर

BRICS को ग्लोबल साउथ के हितों और आकांक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में भी देखा जाता है। सदस्य देश साझा चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने, अनुभव साझा करने और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक आवाज मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

चौथी बार भारत कर रहा BRICS की अध्यक्षता

भारत 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।

इस थीम के तहत समूह की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ विकास, नवाचार, सतत विकास और सुदृढ़शीलता को BRICS के एजेंडे में प्रमुख स्थान देने पर जोर है।

साझा वैश्विक प्राथमिकताओं पर भारत का फोकस

भारत की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है। नई दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में भारत BRICS को रचनात्मक, समाधान-केंद्रित और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मंच के रूप में और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।

सम्मेलन में सतत विकास, तकनीकी नवाचार, वैश्विक आर्थिक सहयोग और विकासशील देशों की वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रभावी भागीदारी जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहने की उम्मीद है।

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