G20 Trade Ministers Meeting: पीयूष गोयल ने WTO के अनुरूप व्यापार नियमों पर दिया जोर

अमेरिका के मिलवॉकी में G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक व्यापार में विकृतियों से निपटने के लिए WTO के अनुरूप, नियम-आधारित और साक्ष्य-आधारित उपायों की वकालत की। उन्होंने MFN सिद्धांत, जबरन श्रम, विकासशील देशों के नीतिगत अधिकार और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा।

Oct 03, 2026 - 10:24
0 0
G20 Trade Ministers Meeting: पीयूष गोयल ने WTO के अनुरूप व्यापार नियमों पर दिया जोर

मिलवॉकी: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस पर वैश्विक व्यापार व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने व्यापार में पैदा होने वाली विकृतियों को दूर करने के लिए विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप कार्रवाई और ठोस साक्ष्यों पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई।

गोयल ने संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन, सबसे पसंदीदा राष्ट्र यानी MFN सिद्धांत, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम की समस्या और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने जैसे विषयों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की।

अतिरिक्त क्षमता पर भारत का रुख

गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू मांग पर आधारित है और करीब 1.4 अरब लोगों की जरूरतों को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि भारत डिजाइन से लेकर तैयार उत्पाद तक विनिर्माण मूल्य श्रृंखलाओं को विकसित कर वैश्विक आपूर्ति नेटवर्क में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यापार को प्रभावित करने वाली अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन से जुड़ी चिंताओं का समाधान WTO के मौजूदा नियमों के अनुरूप किया जाना चाहिए। एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी जैसे उपायों को उन्होंने साक्ष्य आधारित व्यवस्था का हिस्सा बताया।

उत्पादन के संकेंद्रण और सब्सिडी का मुद्दा

भारतीय मंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षमता अपने आप में व्यापार संबंधी समस्या नहीं है। हालांकि, यदि उत्पादन का भौगोलिक संकेंद्रण छिपे हुए समर्थन या सब्सिडी से प्रभावित होता है तो इससे व्यापार में असंतुलन पैदा हो सकता है।

उन्होंने आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की आवश्यकता स्वीकार की, लेकिन इस उद्देश्य के लिए WTO के बाहर के उपाय अपनाने से बचने पर जोर दिया। साथ ही विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश बनाए रखने की बात कही।

MFN सिद्धांत को बताया महत्वपूर्ण

सबसे पसंदीदा राष्ट्र (Most-Favoured-Nation) सिद्धांत पर गोयल ने कहा कि भारत का G20 देशों के साथ व्यापार पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण और नियम-आधारित व्यवस्था पर निर्भर करता है। उनके अनुसार MFN व्यवस्था व्यापारियों के लिए समान शर्तों को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने WTO में आम सहमति से निर्णय लेने की व्यवस्था को बनाए रखने तथा विकासशील देशों के लिए Special and Differential Treatment को जारी रखने की आवश्यकता भी बताई। इसके साथ ही उन्होंने WTO की दो-स्तरीय विवाद निपटान प्रणाली को बहाल करने की मांग दोहराई।

जबरन श्रम पर भारत की प्रतिबद्धता

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम के मुद्दे पर गोयल ने कहा कि इसे खत्म करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट और बिना शर्त है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 23 का उल्लेख किया, जो जबरन श्रम पर रोक लगाता है।

उन्होंने बताया कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के कन्वेंशन 29 और 105 की पुष्टि की है। PIB के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत ने विदेश व्यापार नीति में बदलाव कर जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने का प्रावधान किया।

व्यापार कार्रवाई में ठोस सबूत की जरूरत

गोयल ने कहा कि सीमा पर व्यापार संबंधी कार्रवाई पूरे देश, क्षेत्र या किसी व्यापक वर्ग के बारे में अनुमान के आधार पर नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसे कदम विशिष्ट और सत्यापन योग्य साक्ष्यों पर आधारित होने चाहिए तथा उचित प्रक्रिया और WTO नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने श्रम मानकों के लिए ILO की भूमिका का उल्लेख करते हुए G20 देशों के बीच जबरन श्रम खत्म करने से जुड़ी अच्छी प्रथाओं के स्वैच्छिक आदान-प्रदान का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे सहयोग से नए दायित्व या एकतरफा व्यापार कार्रवाई का आधार नहीं बनना चाहिए।

बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था पर जोर

समापन सत्र में गोयल ने WTO को केंद्र में रखते हुए नियम-आधारित, निष्पक्ष, पारदर्शी, खुली, समावेशी और गैर-भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने विकासशील देशों को आर्थिक विकास और अपने नागरिकों की जरूरतों से जुड़ी नीतियां बनाने के लिए पर्याप्त नीति-स्थान देने तथा WTO में सर्वसम्मति आधारित निर्णय प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया।

2027 में ब्रिटेन की G20 अध्यक्षता का समर्थन

गोयल ने अमेरिकी G20 अध्यक्षता के दौरान मिलवॉकी में की गई व्यवस्थाओं और आतिथ्य के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत की ओर से 2027 में G20 की अध्यक्षता के लिए यूनाइटेड किंगडम को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

कई देशों के मंत्रियों से द्विपक्षीय बातचीत

बैठक के इतर पीयूष गोयल ने ऑस्ट्रेलिया के व्यापार एवं पर्यटन मंत्री, सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री, फ्रांस के विदेश व्यापार एवं आर्थिक आकर्षण संबंधी प्रतिनिधि मंत्री, दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री और कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User