PMEGP Scheme: 8.12 लाख उद्यमियों को मिली मदद, 73 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्त वर्ष 2014-15 से करीब 8.12 लाख सूक्ष्म उद्यमियों को 24,398.61 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी दी गई है। योजना से लगभग 73.08 लाख लोगों के लिए टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

Oct 03, 2026 - 11:50
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PMEGP Scheme: 8.12 लाख उद्यमियों को मिली मदद, 73 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देश में स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने वाली प्रमुख सरकारी योजनाओं में शामिल है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की इस योजना को खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के माध्यम से लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गैर-कृषि क्षेत्र के नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत पात्र उद्यमियों को बैंक से स्वीकृत ऋण पर मार्जिन मनी सब्सिडी मिलती है। इससे शुरुआती पूंजी की जरूरत को पूरा करने में मदद मिलती है और पहली बार कारोबार शुरू करने वाले लोगों के लिए उद्यम स्थापित करने का रास्ता आसान होता है।

8.12 लाख उद्यमियों को मिली सहायता

PIB के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक PMEGP के तहत लगभग 8.12 लाख सूक्ष्म उद्यमियों को सहायता मिली है। इन लाभार्थियों को कुल 24,398.61 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी दी गई। योजना से करीब 73.08 लाख लोगों के लिए टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।

योजना का एक प्रमुख उद्देश्य नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को अपना कारोबार शुरू करने और दूसरे लोगों के लिए रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी बनने में सहयोग देना है।

बैंक ऋण और सब्सिडी से आसान हुई शुरुआत

PMEGP में बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान शुरुआती स्तर पर कारोबार स्थापित करने में मदद करता है। खासकर पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए यह सहायता शुरुआती वित्तीय बाधाओं को कम कर सकती है और उनके व्यावसायिक विचार को वास्तविक इकाई में बदलने का अवसर देती है।

Skinkaanti Ayurveda की सफलता

हिमाचल प्रदेश के परवाणू की पूजा शर्मा द्वारा स्थापित Skinkaanti Ayurveda PMEGP से जुड़े सफल उद्यमों में एक उदाहरण है। PIB के मुताबिक, करीब 25 लाख रुपये की परियोजना लागत से भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से शुरू हुई इस इकाई का वार्षिक कारोबार अब लगभग 30 करोड़ रुपये है और इससे करीब 300 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इनमें लगभग 95 प्रतिशत महिलाएं हैं।

यह उद्यम आयुर्वेदिक सिद्धांतों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर हाथ से बने साबुन के निर्माण पर केंद्रित है। कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी उपाय भी अपनाए हैं।

Ess Pee Quality Products ने बनाया अंतरराष्ट्रीय बाजार

पंजाब के मोहाली में सुरेंद्र पाल सिंह नागी द्वारा स्थापित M/s Ess Pee Quality Products ने भी छोटे स्तर से शुरुआत कर कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया। PIB के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से करीब 21 लाख रुपये की शुरुआती परियोजना लागत वाली यह इकाई अब लगभग 38 करोड़ रुपये के सालाना कारोबार तक पहुंच चुकी है और करीब 130 लोगों को रोजगार देती है।

कंपनी शहद, कुकीज और फ्रूट जैम जैसे खाद्य उत्पाद तैयार करती है। इसके उत्पाद अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस सहित 26 देशों में निर्यात किए जाते हैं।

ग्रामीण उद्यमिता और रोजगार पर जोर

PMEGP के जरिए स्थापित उद्यमों की ये कहानियां दिखाती हैं कि छोटे कारोबारों को शुरुआती वित्तीय सहायता मिलने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है। योजना विशेष रूप से गैर-कृषि क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने पर केंद्रित है।

PMEGP के लिए ऑनलाइन आवेदन

PMEGP से जुड़ी आवेदन प्रक्रिया और योजना की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। KVIC के PMEGP पोर्टल पर व्यक्तिगत और गैर-व्यक्तिगत आवेदकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है। पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी उपलब्ध है।

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