GCC का ईरान से आह्वान, खाड़ी देशों पर हमले रोकें और होर्मुज-बाब अल-मंदेब में मुक्त आवाजाही दें
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने ईरान और उसके सहयोगी समूहों से खाड़ी के अरब देशों पर हमले रोकने तथा होर्मुज और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है।
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने ईरान और उससे जुड़े सशस्त्र समूहों से खाड़ी के अरब देशों के खिलाफ हमले रोकने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है।
GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान न्यूयॉर्क में समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि होर्मुज और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी पड़ता है।
होर्मुज और बाब अल-मंदेब पर चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य खाड़ी क्षेत्र से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वहीं, बाब अल-मंदेब लाल सागर और हिंद महासागर के बीच समुद्री व्यापार के लिए अहम संपर्क मार्ग माना जाता है।
GCC ने दोनों जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की आवश्यकता पर जोर दिया है। हाल की घटनाओं के बीच होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की संख्या में भी भारी कमी दर्ज की गई है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
GCC महासचिव के अनुसार, प्रमुख समुद्री मार्गों में व्यवधान से वैश्विक तेल बाजार और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है। इन मार्गों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता का सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से है।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब ने अपने ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन संचालन को फिर शुरू किया है, जिससे कुछ तेल आपूर्ति को होर्मुज जलडमरूमध्य से अलग मार्ग से भेजना संभव हो सकता है।
ईरान का अलग पक्ष
ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की कार्रवाई को अमेरिका और इजराइल के हमलों की प्रतिक्रिया बताया है। ऐसे में क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनी हुई है।
GCC पहले भी होर्मुज और बाब अल-मंदेब में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग कर चुका है। जुलाई में GCC महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इन समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्वतंत्र आवाजाही के महत्व पर जोर दिया था।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
क्षेत्रीय तनाव के बीच विभिन्न देशों ने भी महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। 22 सितंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच बातचीत में भी होर्मुज और बाब अल-मंदेब से सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री आवागमन के महत्व पर चर्चा हुई।
GCC का कहना है कि इन समुद्री मार्गों की सुरक्षा केवल खाड़ी देशों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
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