जयशंकर का CELAC देशों को भरोसा, बोले- ग्लोबल साउथ की साझा समृद्धि में योगदान दे रहा भारत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने CELAC देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी क्षमताओं का उल्लेख किया। उन्होंने ग्लोबल साउथ की साझा समृद्धि के लिए भारत की प्रतिबद्धता और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर कहा कि भारत की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी क्षमता उसे ग्लोबल साउथ के देशों की साझा प्रगति में अधिक प्रभावी योगदान देने में सक्षम बना रही है।
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान कम्युनिटी ऑफ लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन स्टेट्स (CELAC) के विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी क्षमताओं और ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग का उल्लेख किया।
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की बढ़ती भूमिका
विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रहा है। उनके अनुसार, इस अवधि में देश की GDP में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक विकास की गति भी मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने भारत की बड़ी आबादी, तेजी से विकसित हो रहे कुशल मानव संसाधन, विशाल घरेलू बाजार, डिजिटल बुनियादी ढांचे और तकनीकी क्षमताओं को देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका का आधार बताया।
ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग पर जोर
जयशंकर ने कहा कि भारत की बढ़ती क्षमताओं का इस्तेमाल वैश्विक विकास और ग्लोबल साउथ के साझेदार देशों के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने भारत के इस जुड़ाव को केवल राष्ट्रीय हितों तक सीमित नहीं बताते हुए एकजुटता और साझा समृद्धि से जोड़ा।
उनके अनुसार, विकासशील देशों के साथ सहयोग के जरिए स्वास्थ्य, तकनीक, ऊर्जा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सकता है।
आपदा के समय भारत की सहायता का जिक्र
बैठक के दौरान जयशंकर ने कैरिबियन क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत की ओर से उपलब्ध कराई गई सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने जमैका में आए हरिकेन मेलिसा और वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद भारत की सहायता का जिक्र किया।
उन्होंने कैरिबियन देशों में विकास परियोजनाओं के लिए भारत के समर्थन और लैटिन अमेरिकी देशों को दवाओं की आपूर्ति का भी उल्लेख किया।
स्वास्थ्य और डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग
जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ भारत-CELAC विदेश मंत्रियों की बैठक की सह-अध्यक्षता की।
बैठक में स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य एवं कृषि, ऊर्जा एवं संसाधन, छोटे और मध्यम उद्यमों तथा डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
भारत की वैश्विक पहलों को मिला समर्थन
विदेश मंत्री ने बताया कि CELAC देशों ने भारत की ओर से शुरू की गई कई अंतरराष्ट्रीय पहलों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और मिशन LiFE जैसी पहल शामिल हैं।
भारत और लैटिन अमेरिका-कैरिबियन क्षेत्र के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से विकास, तकनीक, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर साझेदारी के नए अवसर सामने आ सकते हैं।
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