फिलीपींस पहुंचा भारतीय नौसेना का दमखम, INS Sahyadri और Kulish ADMM-Plus JCA में लेंगे हिस्सा
भारतीय नौसेना के INS Sahyadri और INS Kulish फिलीपींस के सुबिक बे पहुंचे हैं। दोनों युद्धपोत ADMM-Plus Joint Cooperation Activity में ASEAN और आठ Plus देशों की समुद्री सेनाओं के साथ पेशेवर एवं परिचालन गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत INS Sahyadri और INS Kulish फिलीपींस के सुबिक बे पहुंच गए हैं। दोनों युद्धपोतों की यह तैनाती भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट का हिस्सा है। दोनों जहाज ASEAN Defence Ministers’ Meeting-Plus (ADMM-Plus) Joint Cooperation Activity (JCA) में भाग लेंगे। PIB के मुताबिक, दोनों जहाज 20 सितंबर 2026 को सुबिक बे पहुंचे।
समुद्री सेनाओं के बीच बढ़ेगा तालमेल
ADMM-Plus JCA में ASEAN सदस्य देशों के साथ आठ Plus देशों की समुद्री सेनाएं शामिल होती हैं। इस गतिविधि का उद्देश्य भाग लेने वाली सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाना, आपसी समझ विकसित करना और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है।
भारतीय नौसेना की भागीदारी से अलग-अलग देशों की समुद्री सेनाओं के साथ पेशेवर और परिचालन स्तर पर बातचीत का अवसर मिलेगा। इसके जरिए साझा समुद्री चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी और MAHASAGAR से जुड़ी तैनाती
INS Sahyadri और INS Kulish की भागीदारी भारत की Act East Policy और MAHASAGAR विजन के अनुरूप है। भारत सरकार के अनुसार, यह तैनाती क्षेत्रीय साझेदारों के साथ बहुपक्षीय समुद्री सहयोग और रचनात्मक जुड़ाव के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस तरह की गतिविधियों के दौरान भारतीय नौसेना को विभिन्न साझेदार नौसेनाओं के साथ परिचालन अनुभव साझा करने और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।
भारत-फिलीपींस समुद्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
सुबिक बे में दोनों भारतीय युद्धपोतों की मौजूदगी भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और समुद्री क्षेत्र में संपर्क बढ़ा है।
भारत और फिलीपींस ने अगस्त 2025 में अपने संबंधों को Strategic Partnership तक बढ़ाया था। ऐसे में भारतीय नौसेना की मौजूदा तैनाती दोनों देशों के बीच पेशेवर संबंधों और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सक्रिय भागीदारी
भारतीय नौसेना की लगातार क्षेत्रीय तैनाती हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदार देशों के साथ समुद्री सहयोग पर भारत के जोर को भी दर्शाती है। इससे संयुक्त गतिविधियों, परिचालन अनुभवों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग के लिए मंच मिलता है।
INS Sahyadri और INS Kulish की ADMM-Plus JCA में भागीदारी भी इसी व्यापक समुद्री जुड़ाव का हिस्सा है। इससे भारत और ASEAN देशों के साथ-साथ Plus देशों की नौसेनाओं के बीच संपर्क और परिचालन समझ को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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