भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू, भारतीय निर्यात को मिलेगा 100% शुल्क-मुक्त बाजार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। FTA के तहत न्यूजीलैंड भारतीय निर्यात के 100% हिस्से को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच देगा। समझौते में सेवाओं, निवेश, पेशेवरों और कृषि सहयोग से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

Sep 21, 2026 - 17:43
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भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू, भारतीय निर्यात को मिलेगा 100% शुल्क-मुक्त बाजार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी India-New Zealand FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो जाएगा। न्यूजीलैंड सरकार ने 21 सितंबर को पुष्टि की कि दोनों देशों ने समझौते को लागू करने के लिए जरूरी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

20 अक्टूबर को लागू होगा समझौता

भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इससे पहले दोनों देशों ने दिसंबर 2025 में बातचीत पूरी कर ली थी। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को FTA को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी कानून पारित किया था। अब समझौता 20 अक्टूबर से औपचारिक रूप से लागू होगा।

न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के मुताबिक, समझौते से दोनों देशों के कारोबारियों को नए बाजार और व्यापारिक अवसर मिलेंगे। न्यूजीलैंड के अनुसार, उसके 57 प्रतिशत निर्यात को भारत में पहले दिन से शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि लकड़ी और वन उत्पादों के 95 प्रतिशत से अधिक निर्यात को भी शुरुआती लाभ मिलेगा।

भारतीय उत्पादों को 100% शुल्क-मुक्त पहुंच

भारत के लिए समझौते की प्रमुख विशेषता न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलना है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, समझौता लागू होने के बाद न्यूजीलैंड भारतीय निर्यात की सभी टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क की सुविधा देगा। इससे कपड़ा, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है।

समझौते में भारत ने अपने संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को संरक्षण दिया है। दूध, क्रीम, चीज, दही और कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को भारतीय बाजार में दिए गए टैरिफ ऑफर से बाहर रखा गया है।

118 सेवा क्षेत्रों में बाजार के अवसर

FTA में वस्तुओं के अलावा सेवाओं और पेशेवरों की आवाजाही पर भी जोर दिया गया है। भारत सरकार के अनुसार, न्यूजीलैंड ने 118 सेवा क्षेत्रों में बाजार पहुंच की पेशकश की है। इसके अलावा लगभग 139 उप-क्षेत्रों में Most-Favoured Nation से जुड़ी प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं।

समझौते में भारतीय छात्रों और कुशल पेशेवरों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। STEM विषयों से जुड़े कुछ स्नातकों को पोस्ट-स्टडी वर्क राइट्स और 5,000 भारतीय पेशेवरों के लिए Temporary Employment Entry वीजा का प्रावधान शामिल है।

20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता

भारत-न्यूजीलैंड FTA के तहत न्यूजीलैंड की ओर से भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी जुड़ी है। इसका उद्देश्य कृषि, विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है।

दोनों देशों ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए भी सहयोग का प्रावधान किया है। इसमें सेब, कीवी और मनुका हनी जैसे क्षेत्रों में Centres of Excellence के जरिए तकनीकी और कृषि सहयोग की योजना शामिल है।

व्यापार दोगुना करने की दिशा में कदम

भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA को व्यापक आर्थिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समझौते के लागू होने से निर्यातकों को अधिक निश्चितता और बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है।

दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों के बीच यह समझौता व्यापार, निवेश, सेवाओं, प्रतिभा और कृषि सहयोग के कई क्षेत्रों को एक साथ जोड़ता है। 20 अक्टूबर से इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के कारोबारी इसके तहत मिलने वाली नई व्यापारिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।

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