जयशंकर ज्यूरिख पहुंचे, 26 सितंबर को UNGA में देंगे संबोधन; भारत-अमेरिका संबंधों पर नजर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर UNGA के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। 26 सितंबर को उनका संबोधन तय है। न्यूयॉर्क से पहले उन्होंने ज्यूरिख में भारतीय राजदूत से मुलाकात की।

Sep 21, 2026 - 09:32
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जयशंकर ज्यूरिख पहुंचे, 26 सितंबर को UNGA में देंगे संबोधन; भारत-अमेरिका संबंधों पर नजर

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए न्यूयॉर्क जा रहे हैं। न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले वह ज्यूरिख पहुंचे, जहां स्विट्जरलैंड और लिकटेंस्टीन में भारत के राजदूत ने उनका स्वागत किया।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जयशंकर 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल सेशन को संबोधित करेंगे। अपने दौरे के दौरान वह कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।

ज्यूरिख में राजदूत से हुई मुलाकात

स्विट्जरलैंड और लिकटेंस्टीन में भारतीय दूतावास के अनुसार, राजदूत ने ज्यूरिख एयरपोर्ट पर जयशंकर का स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों में हाल के घटनाक्रमों और उच्च-स्तरीय यात्राओं से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।

इसके बाद जयशंकर न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे, जहां UNGA के हाई-लेवल वीक में भारत की ओर से विभिन्न बैठकों में भाग लेंगे।

26 सितंबर को UNGA में संबोधन

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि जयशंकर 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के हाई-लेवल सेशन में 26 सितंबर को भारत का पक्ष रखेंगे। UNGA का यह सत्र वैश्विक सहयोग, सतत विकास लक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक कार्रवाई जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।

जयशंकर के कार्यक्रम में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें भी शामिल हैं। ऐसे में न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान भारत के विभिन्न देशों के साथ संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका के नए कानून की चर्चा

जयशंकर का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-अमेरिका संबंधों में रूस से ऊर्जा खरीद का मुद्दा चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को रूस पर नए प्रतिबंधों वाले कानून पर हस्ताक्षर किए। कानून राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। हालांकि, यह कानून अपने आप किसी देश पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं करता, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति को ऐसा कदम उठाने का अधिकार देता है।

भारत ने इस मुद्दे पर अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश अपनी 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा जरूरतों को सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीद जारी रखेगा।

न्यूयॉर्क यात्रा पर रहेंगी नजरें

UNGA के दौरान जयशंकर की विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। ऐसे में वैश्विक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और भारत के प्रमुख साझेदारों के साथ संबंधों से जुड़े मुद्दे उनकी कूटनीतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण रह सकते हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में रूस से ऊर्जा खरीद और उससे जुड़े अमेरिकी कानून का मुद्दा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। जयशंकर की न्यूयॉर्क यात्रा इसी व्यापक कूटनीतिक माहौल के बीच हो रही है।

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