जयप्रकाश नारायण की जयंती पर पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और ओम बिरला ने दी श्रद्धांजलि
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उनके लोकतांत्रिक विचारों, संपूर्ण क्रांति और सामाजिक समानता के प्रयासों को याद किया।
नई दिल्ली: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने उनके विचारों, लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक बदलाव में उनके योगदान को याद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का प्रयास करते हुए देश उनके आदर्शों से प्रेरणा लेता रहेगा।
पीएम मोदी ने जेपी के योगदान को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा कर कहा कि जयप्रकाश नारायण का प्रभाव अलग-अलग पीढ़ियों पर रहा है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन को देश के पुनर्निर्माण का माध्यम बनाने में जेपी की भूमिका का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण की मुखर भूमिका और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी याद किया। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक पहुंचने की उनकी सोच आज भी प्रासंगिक है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में विकसित भारत के निर्माण के लिए जेपी के आदर्शों पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राजनाथ सिंह ने संपूर्ण क्रांति के आह्वान का किया उल्लेख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन को लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने जेपी के ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य राजनीति में शुचिता, शासन में जवाबदेही और समाज में नैतिक बदलाव को बढ़ावा देना था।
राजनाथ सिंह ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जयप्रकाश नारायण के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जेपी का जीवन सिद्धांतों को व्यक्तिगत हित से ऊपर रखने की प्रेरणा देता है।
ओम बिरला ने सामाजिक समानता के प्रयासों को सराहा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण को नमन करते हुए उनके साहस, सिद्धांतों और जनशक्ति में विश्वास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तक, जेपी का जीवन अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रयासों से जुड़ा रहा।
ओम बिरला ने सर्वोदय और भूदान आंदोलनों से जुड़े उनके योगदान का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इन प्रयासों के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान और सामाजिक समानता के विचार को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
जयप्रकाश नारायण के विचार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी सार्वजनिक जीवन और सामाजिक बदलाव से जुड़े विमर्श में याद किए जाते हैं।
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