महर्षि वाल्मीकि जयंती पर नेताओं ने किया नमन, दी शुभकामनाएं
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई नेताओं ने आदिकवि को नमन किया। योगी आदित्यनाथ, नायब सिंह सैनी, भजनलाल शर्मा, रेखा गुप्ता और सम्राट चौधरी ने रामायण, भगवान श्रीराम के आदर्शों तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और सामाजिक समरसता के महत्व को रेखांकित किया।
नई दिल्ली: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सोमवार को देश के कई नेताओं ने आदिकवि महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने उनके साहित्यिक योगदान और शिक्षाओं को याद किया।
नेताओं ने अपने संदेशों में रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में महर्षि वाल्मीकि की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने सत्य, धर्म, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश भी दिया।
मनोहर लाल और गजेंद्र सिंह शेखावत ने दी शुभकामनाएं
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए कहा कि उनकी रचना रामायण ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र को लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर सभी देशवासियों को बधाई दी।
योगी आदित्यनाथ ने रामायण के आदर्शों को किया याद
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में ‘रामो विग्रहवान् धर्म’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र और सनातन संस्कृति के मूल्यों को समाज तक पहुंचाया।
योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम के जीवन को सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यपालन का आदर्श बताते हुए कहा कि रामायण आज भी मानवता को धर्म, सदाचार और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
नायब सिंह सैनी और भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचना और शिक्षाएं समाज को न्याय, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने रामायण को धर्म, कर्तव्य और नीति की शिक्षा देने वाला महाकाव्य बताते हुए महर्षि वाल्मीकि के विचारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
दिल्ली और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने भी किया नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के जरिए भगवान श्रीराम के चरित्र और उनके आदर्शों को पीढ़ियों तक पहुंचाया। उन्होंने जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं समाज को सत्य, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
भाजपा नेताओं ने सामाजिक समरसता पर दिया जोर
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए रामायण में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि से जुड़े सामाजिक समरसता, धर्म और मर्यादा के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने संदेश में सत्य, धर्म, करुणा और मर्यादा के मूल्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज में समानता, सेवा और वंचित वर्गों के सम्मान की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश तथा प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दीं।
कई मंत्रियों और सांसदों ने भी दी शुभकामनाएं
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए कहा कि रामायण के माध्यम से उनके विचार और भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी लोगों को सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री केदार कश्यप ने भी रामायण के रचयिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की रचना को समाज के लिए सत्य, धर्म और मर्यादा का प्रेरणास्रोत बताया।
वहीं, भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि रामायण ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, सत्य, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा को जन-जन तक पहुंचाया है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर नेताओं के संदेशों में उनके साहित्यिक योगदान के साथ उन नैतिक और सामाजिक मूल्यों को भी प्रमुखता दी गई, जो आज भी भारतीय समाज में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
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