UN में नेतन्याहू का बड़ा बयान: ईरान के खिलाफ कार्रवाई का बचाव, गाजा के नरसंहार के आरोपों को किया खारिज

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के खिलाफ इजराइल-अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने गाजा में नरसंहार के आरोपों को खारिज किया। उनके भाषण की शुरुआत में कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में हॉल से बाहर चले गए।

Sep 25, 2026 - 09:37
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UN में नेतन्याहू का बड़ा बयान: ईरान के खिलाफ कार्रवाई का बचाव, गाजा के नरसंहार के आरोपों को किया खारिज

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान ईरान के खिलाफ इजराइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इजराइल के सामने मौजूद खतरों को देखते हुए यह कदम आत्मरक्षा के लिहाज से जरूरी था। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजराइल का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के सहयोग को रेखांकित किया।

गाजा में नरसंहार के आरोपों से इनकार

गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजराइल पर लगाए जा रहे ये आरोप गलत हैं। अपने पक्ष में उन्होंने गाजा में खाद्य सामग्री और पोलियो वैक्सीन की आपूर्ति का हवाला दिया। वहीं, फिलिस्तीनी नेतृत्व लंबे समय से इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाता रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी महासभा के संबोधन में गाजा सहित मध्य पूर्व में नागरिकों की स्थिति और संघर्ष को लेकर चिंता जताई है।

ईरान और होर्मुज को लेकर तनाव

नेतन्याहू के भाषण में ईरान के साथ जारी संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख रहा। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने सैन्य दबाव कम किए जाने और नाकेबंदी हटाए जाने की स्थिति में मार्ग को फिर से खोलने की संभावना जताई थी।

भाषण शुरू होते ही कई प्रतिनिधि बाहर निकले

नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल से बाहर निकल गए। रॉयटर्स के मुताबिक, यह वॉकआउट इजराइल की गाजा नीति को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विरोध के बीच हुआ। इसके बावजूद नेतन्याहू ने अपना संबोधन जारी रखा और इजराइल के खिलाफ आलोचनाओं का जवाब दिया।

सात मोर्चों पर संघर्ष का दावा

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा कि इजराइल कई अलग-अलग मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान तथा क्षेत्र के अन्य सशस्त्र समूहों का उल्लेख किया। उन्होंने अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद इजराइल की सैन्य प्रतिक्रिया का भी बचाव किया।

एर्दोगान और पश्चिमी देशों पर निशाना

इजराइली प्रधानमंत्री ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान समेत इजराइल की आलोचना करने वाले नेताओं और देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने पश्चिमी देशों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ सरकारें इजराइल के खिलाफ बढ़ते दबाव के सामने झुक रही हैं। ये नेतन्याहू के राजनीतिक आरोप और उनके भाषण में व्यक्त किए गए विचार थे।

गाजा युद्ध और मानवीय संकट पर अंतरराष्ट्रीय चिंता

नेतन्याहू ने जहां इजराइल की सैन्य कार्रवाई को सुरक्षा और आत्मरक्षा से जोड़ा, वहीं फिलिस्तीनी पक्ष और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं गाजा में नागरिकों की सुरक्षा तथा मानवीय स्थिति को लेकर चिंता जताती रही हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने महासभा में मध्य पूर्व के संघर्षों को लेकर तत्काल तनाव कम करने और संवाद बढ़ाने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू का भाषण ऐसे समय हुआ जब ईरान संघर्ष, गाजा युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी कूटनीतिक बहस जारी है। उनके संबोधन ने इजराइल की सुरक्षा संबंधी दलीलों और उसके सैन्य अभियानों की अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच मौजूद मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया।

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