पीएम मोदी बोले- आधुनिक कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग और युवा शक्ति से बनेगा विकसित भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में विकसित भारत के लिए आधुनिक कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा क्षमता और युवा कौशल को अहम बताया। उन्होंने DFC नेटवर्क, AI और सौर ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में भारत की प्रगति का उल्लेख किया।

Sep 08, 2026 - 20:07
0 0
पीएम मोदी बोले- आधुनिक कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग और युवा शक्ति से बनेगा विकसित भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में देश के विकास की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत विनिर्माण क्षेत्र, पर्याप्त ऊर्जा क्षमता और कुशल युवाओं का होना बेहद जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के 2,800 किलोमीटर से अधिक नेटवर्क के पूरा होने को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।

2,800 किलोमीटर से ज्यादा DFC नेटवर्क पूरा

पीएम मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतिम हिस्सों के पूरा होने के साथ देश में 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबा समर्पित माल ढुलाई नेटवर्क तैयार हो गया है। उनके अनुसार, यह परियोजना 21वीं सदी के भारत की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला रही है।

उन्होंने कहा कि परियोजना पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन 2014 से पहले इसकी प्रगति काफी धीमी रही। मौजूदा सरकार ने परियोजना को गति देकर इसे पूरा करने पर जोर दिया।

रोज 430 से ज्यादा मालगाड़ियां

प्रधानमंत्री के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां संचालित हो रही हैं। अलग ट्रैक मिलने से मालगाड़ियों की गति बढ़ी है और यात्री ट्रेनों पर भी दबाव कम हुआ है।

उन्होंने बताया कि पहले मालगाड़ियों को 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग साढ़े छह घंटे लगते थे, जबकि अब यही दूरी आधे से भी कम समय में पूरी की जा सकती है।

ट्रांसपोर्ट लागत और समय में कमी

पीएम मोदी ने कहा कि DFC केवल परिवहन की गति बढ़ाने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि इससे ईंधन की खपत, लॉजिस्टिक्स लागत और यात्रा में लगने वाला समय भी कम होगा। साथ ही कम ईंधन इस्तेमाल होने से पर्यावरण को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि कई ऐसे रूट हैं जहां सड़क के जरिए माल पहुंचाने में करीब 30 घंटे लगते हैं, जबकि समर्पित माल गलियारे से यह समय घटकर लगभग 10 से 12 घंटे रह सकता है।

किसानों को मिलेगा तेज बाजार कनेक्शन

प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर से किसानों को भी फायदा होगा। फल, सब्जियों और फूलों जैसी जल्दी खराब होने वाली कृषि उपज को बड़े शहरों और बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे सप्लाई चेन मजबूत होने के साथ किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर हो सकती है।

उन्होंने मुंबई के जेएनपीटी से वडोदरा के बीच चली डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ट्रेन में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर माल ले जाया जा सकता है।

दूर-दराज आदिवासी इलाकों तक रेल

पीएम मोदी ने कहा कि देश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार उन क्षेत्रों तक भी किया जा रहा है, जहां लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी नहीं थी। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई आदिवासी इलाकों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम हो रहा है।

वडोदरा, छोटा उदयपुर और अलीराजपुर जैसे क्षेत्रों के लोगों को नई रेल सेवाओं से आवागमन में सुविधा मिलने की बात भी प्रधानमंत्री ने कही।

इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, गैस पाइपलाइन और आवास जैसी परियोजनाएं केवल सुविधाएं नहीं बढ़ातीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करती हैं। किसी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचने के बाद उद्योग, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है।

उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में रेलवे का बजट करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो पहले की तुलना में काफी बड़ा है।

वडोदरा की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की तारीफ

पीएम मोदी ने वडोदरा को शिक्षा, कौशल और उद्योग के बेहतर तालमेल का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि शहर ने अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है और अब यह आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

उन्होंने कहा कि वडोदरा में देश के पहले मेड-इन-इंडिया सैन्य परिवहन विमान C-295 के निर्माण से शहर की औद्योगिक पहचान को नई मजबूती मिली है।

भारत में बने करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में भारत रेल कोच, मेट्रो कोच और रेल इंजन के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ा है। उनके अनुसार 2014 के बाद देश में करीब 50 हजार आधुनिक रेलवे कोच तैयार किए गए हैं और बड़ी संख्या में मालवाहक वैगन भी रेल नेटवर्क में जोड़े गए हैं।

‘चिप से शिप’ तक आत्मनिर्भरता

पीएम मोदी ने भारत में संपूर्ण सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य केवल अंतिम उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि उसके जरूरी पुर्जों और कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की क्षमता भारत में विकसित करना है।

उन्होंने सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती घरेलू विनिर्माण क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत अब बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा क्षमता विकसित कर चुका है।

55 लाख घरों में रूफटॉप सोलर

प्रधानमंत्री के अनुसार देश में अब तक लगभग 55 लाख परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए हैं। इनमें गुजरात के करीब 11 लाख परिवार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे आम परिवार केवल बिजली उपभोक्ता नहीं बल्कि बिजली उत्पादन में भागीदार भी बन रहे हैं।

AI के लिए ऊर्जा क्षमता जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों की भूमिका बढ़ेगी। इन क्षेत्रों के विस्तार के लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और मजबूत ऊर्जा ढांचे की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है तो युवाओं को तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ उसके लिए जरूरी औद्योगिक और ऊर्जा इकोसिस्टम भी तैयार करना होगा।

यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत कई देशों के साथ यूरेनियम, रेयर अर्थ और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर सहयोग बढ़ा रहा है। उनका कहना था कि इन संसाधनों की उपलब्धता भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

युवाओं के लिए डिग्री के साथ कौशल जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने और खुद को अपडेट करने की जरूरत है। इसी दिशा में शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए ऑनलाइन मुफ्त कोचिंग जैसी पहल की जरूरत भी बताई।

AI स्किलिंग पर सरकार का फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि AI का इस्तेमाल सिर्फ आईटी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। खेती, स्वास्थ्य, मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल बढ़ेगा। उन्होंने युवाओं को AI की जानकारी और व्यावहारिक कौशल से लैस करने के लिए व्यापक अभियान की बात कही।

2047 तक विकसित भारत का संकल्प

पीएम मोदी ने कहा कि देश के लिए मौजूदा समय बेहद महत्वपूर्ण है और युवाशक्ति भारत के विकास की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। उन्होंने लोगों से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

वडोदरा को स्वच्छ रखने की अपील

प्रधानमंत्री ने वडोदरा में चलाए गए स्वच्छता अभियानों की सराहना की। उन्होंने नागरिकों से शहर को साफ रखने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नहीं फैलाने का संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहरों में गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली जैसे त्योहारों का उत्साह और भी बेहतर तरीके से देखने को मिलेगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User