ICWA Silver Jubilee: जयशंकर बोले- बदलती दुनिया में भारत को अपने नजरिए से वैश्विक विमर्श में योगदान देना होगा

ICWA की सिल्वर जुबली पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत को अपने अनुभव, हितों और दृष्टिकोण के साथ अंतरराष्ट्रीय विमर्श में योगदान देना होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

Sep 15, 2026 - 14:38
0 0
ICWA Silver Jubilee: जयशंकर बोले- बदलती दुनिया में भारत को अपने नजरिए से वैश्विक विमर्श में योगदान देना होगा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित विवेक ऑडिटोरियम में मंगलवार को इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA) के राष्ट्रीय महत्व की संस्था का दर्जा मिलने के 25 वर्ष पूरे होने पर सिल्वर जुबली समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

25 साल की यात्रा पर जयशंकर ने जताई खुशी

समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आईसीडब्ल्यूए के राष्ट्रीय महत्व की संस्था बनने के 25 वर्ष पूरे होना महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इस कार्यक्रम में बतौर अध्यक्ष शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का आभार भी जताया।

जयशंकर ने कहा कि 1943 में स्थापना के बाद से आईसीडब्ल्यूए अंतरराष्ट्रीय मामलों के अध्ययन और उनसे जुड़ी समझ को बढ़ावा देने के लिए काम करता रहा है। वर्ष 2001 में संसद ने इसे राष्ट्रीय महत्व की संस्था का दर्जा दिया था। उनके मुताबिक, यह निर्णय वैश्विक मुद्दों पर भारत की बौद्धिक भागीदारी में संस्था के योगदान की मान्यता था।

बदल चुका है भारत, बदल रही है दुनिया

विदेश मंत्री ने कहा कि सिल्वर जुबली केवल आईसीडब्ल्यूए की अब तक की यात्रा को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका पर विचार करने का भी समय है। उन्होंने कहा कि यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया भी काफी बदल चुकी है।

जयशंकर के अनुसार, भारत अब पहले की तुलना में दुनिया के ज्यादा देशों और क्षेत्रों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है। इसके साथ देश के राष्ट्रीय हितों का दायरा भी व्यापक हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की जिम्मेदारियां तथा उससे जुड़ी अपेक्षाएं बढ़ी हैं।

वैश्विक मुद्दों पर भारत का आत्मविश्वास बढ़ा

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अब वैश्विक चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख रहा है। इनमें ऐसे विषय भी शामिल हैं, जिनका प्रभाव पूरी मानवता पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका बढ़ रही है, वैसे-वैसे वैश्विक मामलों को समझने और उन पर बौद्धिक रूप से योगदान देने की क्षमता भी मजबूत होनी चाहिए।

दुनिया को देखने के लिए भारतीय दृष्टिकोण जरूरी

जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी पारंपरिक सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक वैश्विक विमर्श काफी हद तक दूसरे देशों के अनुभवों और वहां विकसित विचारों से प्रभावित रहा है।

उन्होंने कहा कि उभरते भारत को दुनिया को समझने के अपने तरीके में देश के अनुभव, हित, विचार और अपनी बौद्धिक परंपरा को भी शामिल करना चाहिए। भारत को केवल दूसरे देशों द्वारा तैयार किए गए ढांचों के आधार पर वैश्विक घटनाओं को देखने के बजाय अपने दृष्टिकोण के साथ अंतरराष्ट्रीय विमर्श में योगदान देना चाहिए।

वैश्विक विमर्श में ICWA की अहम भूमिका

विदेश मंत्री ने कहा कि इस दिशा में आईसीडब्ल्यूए की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारतीय दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक और तथ्यपरक चर्चा को बढ़ावा देकर संस्था देश के सामने मौजूद विकल्पों को समझने में मदद कर सकती है।

उन्होंने कहा कि आईसीडब्ल्यूए भारत के दृष्टिकोण को दुनिया के सामने अधिक आत्मविश्वास के साथ रखने में भी योगदान दे सकता है। इसलिए भारत के एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में आगे बढ़ने के दौरान होने वाली बहस और चर्चाओं में संस्था को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली घोषणा को बताया बड़ी उपलब्धि

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने BRICS Summit के दौरान सर्वसम्मति से अपनाए गए ‘नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन’ को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि घोषणा में समावेशी वैश्विक व्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय शांति-सुरक्षा और सांस्कृतिक तथा लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आने वाले समय में वैश्विक व्यवस्था में बदलाव जारी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के साथ अधिक सक्रियता से जुड़ रहा है और उसका वैश्विक प्रभाव भी बढ़ रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और दुनिया में उसे शांति, प्रगति तथा समृद्धि की आवाज के रूप में देखा जा रहा है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User