Swachh Seva Assessment: गांवों में स्वच्छता सेवाओं के आकलन के लिए नई डिजिटल व्यवस्था शुरू

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के तहत ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ की शुरुआत की। इसके जरिए ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता सेवाओं का वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन किया जाएगा।

Sep 16, 2026 - 16:04
0 0
Swachh Seva Assessment: गांवों में स्वच्छता सेवाओं के आकलन के लिए नई डिजिटल व्यवस्था शुरू

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने 15 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ (SSA) की शुरुआत की। इस दौरान जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना समेत ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े अधिकारी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन निदेशक भी ऑनलाइन बैठक से जुड़े।

नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं की स्थिति का नियमित आकलन करना और जहां कमियां सामने आएं, वहां सुधार की प्रक्रिया को मजबूत करना है।

ग्राम पंचायत स्तर पर होगा डिजिटल स्व-मूल्यांकन

‘स्वच्छ सेवा आकलन’ को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के तहत विकसित किया है। यह एक वार्षिक और ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित होने वाला डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढांचा है।

इसके माध्यम से ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में उपलब्ध स्वच्छता सेवाओं की स्थिति की समीक्षा कर सकेंगी। व्यवस्था में ग्राम पंचायतों के साथ ग्राम सभा, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) तथा जिला और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर के अधिकारियों की भागीदारी रखी गई है।

ODF प्लस मॉडल गांवों पर रहेगा विशेष ध्यान

SSA के तहत ODF प्लस (मॉडल) घोषित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता सेवाओं का आकलन किया जाएगा। ग्राम पंचायतें अपनी VWSC और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर गांव में खुले में शौच से मुक्ति की स्थिति को बनाए रखने, दृश्य स्वच्छता और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) की स्थिति की समीक्षा करेंगी।

इसके अलावा स्वच्छता और सामुदायिक SLWM से जुड़े संसाधनों की कार्यक्षमता तथा उनके संचालन और रखरखाव (O&M) की स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

ग्राम सभा करेगी आकलन के परिणामों की जांच

ग्राम पंचायत स्तर पर किए गए स्व-मूल्यांकन के बाद सामने आए निष्कर्षों को ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्राम सभा इन परिणामों पर चर्चा और उनका सत्यापन करेगी।

इसके बाद आकलन से प्राप्त जानकारी को जिला और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर के अधिकारियों के लिए समीक्षा हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। संबंधित बैठकें DW(S)M/SW(S)M स्तर पर आयोजित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा होंगी।

कमियों की पहचान कर बनाई जाएंगी सुधार योजनाएं

नई व्यवस्था के जरिए अधिकारियों को ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर संबंधित स्तर पर सुधारात्मक कदमों के लिए योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।

इससे केवल आंकड़े जुटाने के बजाय जमीनी स्तर पर स्वच्छता सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतरता पर ध्यान देने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका होगी मजबूत

‘स्वच्छ सेवा आकलन’ को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की भावना के अनुरूप ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका को मजबूत करने वाली व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।

इसके माध्यम से स्थानीय संस्थाएं अपनी स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धियों और कमियों की नियमित समीक्षा कर सकेंगी। साथ ही समुदाय की भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने में भी यह डिजिटल ढांचा मदद कर सकता है।

ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर निगरानी और सुधार को बढ़ावा देकर SSA का लक्ष्य स्वच्छता सेवाओं के बेहतर संचालन और दीर्घकालिक प्रभाव को मजबूत करना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User