स्वच्छता ही सेवा 2026: शिवराज चौहान बोले- अभियान नहीं, दैनिक व्यवहार का हिस्सा बने स्वच्छता
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वच्छता ही सेवा 2026 की समीक्षा करते हुए जनभागीदारी, व्यवहार परिवर्तन और मापनीय परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता गतिविधियों को अभियान की अवधि के बाद भी जारी रखने के निर्देश दिए।
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वच्छता को केवल कुछ दिनों तक चलने वाले अभियान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे लोगों के दैनिक जीवन और व्यवहार का स्थायी हिस्सा बनाने की जरूरत है। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर स्वच्छता ही सेवा 2026 की गतिविधियों की समीक्षा की।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से स्वयं स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने को कहा। उन्होंने कार्यालयों, फील्ड कार्यालयों, कार्यस्थलों और ग्रामीण इलाकों में लगातार स्वच्छता जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
जनभागीदारी को बताया अहम
शिवराज चौहान ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान को प्रभावी और लंबे समय तक असरदार बनाने के लिए व्यापक जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने पंचायतों, ग्रामीण क्षेत्रों और फील्ड स्तर के कार्यालयों को अभियान से जोड़ने के साथ किसानों, ग्रामीण समुदायों, सफाई कर्मचारियों, मीडिया और अन्य संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता कार्यों का हो मापनीय परिणाम
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता गतिविधियां केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर न रह जाएं। इनके परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए और जहां संभव हो, उन्हें मापा भी जाना चाहिए।
उन्होंने अभियान के दौरान किए गए कार्यों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने तथा उपलब्धियों को पहले और बाद की तस्वीरों के माध्यम से दर्ज करने पर जोर दिया। इससे अलग-अलग गतिविधियों के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण विकास विभाग ने दी जानकारी
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्रा, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक मांगी लाल जाट, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल और भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव पी. नरहरि ने अपने विभागों की स्वच्छता गतिविधियों और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कृषि विभाग की ओर से बताया गया कि 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें स्वच्छता शपथ, स्वच्छ पाठशाला, युवाओं की भागीदारी, ठोस कचरा प्रबंधन और कार्यालय परिसरों की सफाई शामिल है।
इसके अलावा कॉरिडोर, कैंटीन और शौचालयों की विशेष सफाई, पुराने फर्नीचर एवं इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निस्तारण, सफाई कर्मियों का सम्मान और स्वास्थ्य जांच जैसी गतिविधियां भी की गईं।
स्क्रैप और ई-वेस्ट से करीब 15 लाख रुपये की आय
बैठक में बताया गया कि पुराने फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निस्तारण तथा नीलामी से करीब 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान के जरिए सामूहिक स्वच्छता गतिविधियों में भी हिस्सा लिया।
इसके साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा की गई।
2 अक्टूबर से विशेष अभियान
बैठक में 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसमें लंबित फाइलों और मामलों को निपटाने, लंबित मामलों की संख्या घटाने, स्क्रैप और ई-वेस्ट के निस्तारण तथा कार्यालयों में जगह के बेहतर इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाएगा।
विभागों की ओर से अनुपयोगी कंप्यूटर, प्रिंटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान कर नियमों के अनुसार उनके निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी गई। अभियान के लक्ष्यों की नियमित समीक्षा और उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा।
पूसा परिसर और ICAR संस्थानों में भी अभियान
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा आईसीएआर ने बताया कि पूसा परिसर में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
देशभर के आईसीएआर संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों में भी स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वच्छता का स्थायी प्रभाव केवल सफाई करने से नहीं, बल्कि लोगों की आदतों और व्यवहार में बदलाव से आएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता गतिविधियों को जारी रखने का आह्वान किया।
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