त्रिपुरा में स्तन कैंसर जागरूकता अभियान शुरू, एक महीने तक चलेगा राज्यव्यापी कार्यक्रम

त्रिपुरा में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में जांच, जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

Oct 01, 2026 - 18:03
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त्रिपुरा में स्तन कैंसर जागरूकता अभियान शुरू, एक महीने तक चलेगा राज्यव्यापी कार्यक्रम

अगरतला: त्रिपुरा में स्तन कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महीने लंबे राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की गई है। स्वास्थ्य सचिव गित्ते किरणकुमार दिनकरराव ने अगरतला में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में इस अभियान का शुभारंभ किया।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्तन कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में सबसे अधिक सामने आने वाले कैंसर में शामिल है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्लोबोकैन 2022 के आंकड़ों के अनुसार, उस वर्ष दुनियाभर में करीब 23 लाख महिलाओं में स्तन कैंसर की पुष्टि हुई थी, जबकि लगभग 6.7 लाख महिलाओं की इससे मृत्यु हुई।

भारत में भी स्तन कैंसर के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2024 में देश में स्तन कैंसर के करीब 2,37,231 नए मामले सामने आए और लगभग 96,100 मौतें दर्ज की गईं। भारतीय महिलाओं में सामने आने वाले कुल कैंसर मामलों में स्तन कैंसर की हिस्सेदारी करीब 30.4 प्रतिशत बताई गई है।

त्रिपुरा की स्थिति का उल्लेख करते हुए अधिकारी ने बताया कि आईसीएमआर की जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार 2012 से 2016 के बीच राज्य में महिलाओं में पाए गए कुल कैंसर मामलों में स्तन कैंसर की हिस्सेदारी 14.4 प्रतिशत थी।

जांच और जागरूकता पर जोर

त्रिपुरा सरकार ने कैंसर की स्क्रीनिंग को मजबूत करने और पात्र आबादी तक जांच सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने पिछले वर्ष 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री निरामय आरोग्य अभियान (MNAA) की शुरुआत की थी।

इस पहल के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में साल में दो बार विशेष स्क्रीनिंग अभियान आयोजित किया जाता है। इनमें कैंसर समेत विभिन्न गैर-संचारी रोगों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

स्तन कैंसर जागरूकता अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में आम लोगों के लिए सूचना सामग्री के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हितधारकों, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और विद्यार्थियों के लिए तकनीकी सामग्री भी जारी की गई। इस पहल में झपाइगो (Jhpiego) की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।

कार्यशालाओं से लेकर सामुदायिक कार्यक्रम तक

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, महीने भर चलने वाले अभियान के दौरान एम्स और झपाइगो के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आशा कार्यकर्ताओं के साथ परामर्श, कार्यशालाएं, चिकित्सा एवं पैरामेडिकल संस्थानों में सेमिनार और मीडिया के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।

इसके अलावा सोशल मीडिया अभियान, पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के सदस्यों के साथ संवाद और ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के दौरान सामुदायिक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) और सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) की भी भूमिका रहेगी।

राज्य के गैर-संचारी रोग कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन साहा ने कार्यक्रम के दौरान स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत और पूरे अभियान की कार्ययोजना पर प्रस्तुति दी।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों और समाज के लोगों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने स्तन कैंसर की जल्द पहचान, रोकथाम और बेहतर देखभाल के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में एनएचएम के अतिरिक्त सचिव-सह-मिशन निदेशक साजू वहीद समेत स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक, परिवार कल्याण निदेशक, एनएचएम के संयुक्त मिशन निदेशक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सोसायटी के सदस्य सचिव और विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

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