UNGA 2026: V4 देशों ने भारत की स्थायी UNSC सदस्यता का किया समर्थन
UNGA 2026 के दौरान भारत और V4 देशों की पहली विदेश मंत्री स्तर की बैठक हुई। स्लोवाकिया ने भारत की स्थायी UNSC सदस्यता का समर्थन किया। बैठक में व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा और बहुपक्षवाद पर भी चर्चा हुई।
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत और यूरोप के चार देशों के समूह विसेग्राद ग्रुप (V4) के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई। बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि V4 देश भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य बनाए जाने के समर्थन में हैं। V4 में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेकिया शामिल हैं।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई इस बैठक को दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल के तौर पर देखा गया। जयशंकर ने इसे एक नए और महत्वपूर्ण अवसर के रूप में वर्णित किया।
भारत की स्थायी UNSC सदस्यता का समर्थन
बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन की बात कही। उन्होंने भारत को ग्लोबल साउथ का हिस्सा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की उभरती शक्ति बताते हुए कहा कि उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर जगह मिलनी चाहिए।
यह समर्थन UNSC में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता की मांग के संदर्भ में सामने आया है। हालांकि, किसी देश को स्थायी सदस्य बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के संबंधित चार्टर प्रावधानों के तहत व्यापक संस्थागत प्रक्रिया और सदस्य देशों की मंजूरी आवश्यक होती है।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
पहली V4+India विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए। V4 की ओर से पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की, स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार और अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक स्लोवाकिया की अध्यक्षता वाले V4 प्रारूप में हुई।
व्यापार से लेकर रक्षा सहयोग तक चर्चा
बैठक में भारत और V4 देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई। प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार एवं निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च, सप्लाई चेन, रक्षा एवं सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क शामिल रहे।
दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को V4+India जैसे बहुपक्षीय प्रारूप के जरिए और आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए नियमित बिजनेस फोरम की दिशा में भी चर्चा हुई।
सालाना विदेश मंत्रियों की बैठक पर सहमति
बैठक के बाद जयशंकर ने बताया कि भारत और V4 देशों के बीच राजनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रियों की नियमित बैठक का प्रारूप विकसित करने पर सहमति बनी है।
इसके अलावा आर्थिक सहयोग के लिए सालाना बिजनेस फोरम, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन में साझेदारी, रिसर्च और शिक्षा सहयोग, रक्षा संबंधों को मजबूत करने तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बहुपक्षवाद और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ शांति एवं सुरक्षा तथा बहुपक्षवाद से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों के बीच वैश्विक चुनौतियों और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
यह बैठक 81वें UNGA के हाई-लेवल वीक के दौरान हुई, जिसका सामान्य वाद-विवाद 22 से 28 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। 81वें सत्र का विषय “Restoring Trust, Managing Transformation: A United Nations That Delivers for All” है।
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