अमेरिका के स्कूलों में कैफीन पाउच पर प्रतिबंध, बच्चों की सेहत को लेकर चिंता
अमेरिका के कई स्कूल जिलों ने छात्रों के कैफीन पाउच इस्तेमाल करने पर रोक लगाई है। कुछ पाउच में 200 मिलीग्राम तक कैफीन हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक कैफीन बच्चों और किशोरों की नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक सेहत को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका के कई स्कूलों में छात्रों के कैफीन पाउच इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को आशंका है कि इन उत्पादों में मौजूद कैफीन बच्चों और किशोरों की नींद, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। छोटे आकार के ये पाउच होंठ और मसूड़ों के बीच रखे जाते हैं और इन्हें ऊर्जा तथा एकाग्रता बढ़ाने वाले उत्पाद के रूप में प्रचारित किया जाता है।
कुछ पाउच में 200 मिलीग्राम तक कैफीन
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, कुछ कैफीन पाउच में 200 मिलीग्राम तक कैफीन हो सकता है। यह मात्रा लगभग दो कप कॉफी के बराबर बताई जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में अधिक कैफीन लेने से दिल की धड़कन तेज होने, बेचैनी और नींद संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
इन पाउच का आकार निकोटीन पाउच जैसा होने के कारण स्कूल कर्मचारियों के लिए दोनों उत्पादों में अंतर करना भी मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से अमेरिका के कुछ स्कूल जिलों ने परिसर में इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने या स्कूल के आचार नियमों में इन्हें शामिल करने का फैसला किया है।
क्या होते हैं कैफीन पाउच?
कैफीन पाउच छोटे पैकेट होते हैं, जिनसे कैफीन मुंह के ऊतकों के जरिए शरीर में पहुंचता है। इनमें मौजूद कैफीन की मात्रा ब्रांड और उत्पाद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इन्हें इस्तेमाल करने के लिए थूकने की जरूरत नहीं होती और ये कॉफी, पुदीना तथा फलों जैसे कई स्वादों में उपलब्ध हैं।
कुछ स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंता है कि छोटे बच्चे इन्हें कैंडी या च्यूइंग गम समझ सकते हैं। सोशल मीडिया पर इनके लिए ‘लिप पिलो’ और ‘लिप कुशी’ जैसे नाम भी इस्तेमाल किए जाते हैं। पेय पदार्थों के मुकाबले इनका इस्तेमाल आसानी से छिपाया जा सकता है, जिससे स्कूलों में निगरानी की चुनौती बढ़ जाती है।
ज्यादा कैफीन से नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने पर हाथ कांपना, बेचैनी, चिंता और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में दौरे सहित अन्य खतरनाक लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स बच्चों और किशोरों को कैफीन से बचने की सलाह देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैफीन का असर कई घंटों तक बना रह सकता है। इसका प्रभाव कम होने के बाद कुछ लोगों को सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और थकान महसूस हो सकती है।
जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में व्यायाम एवं पोषण विज्ञान के प्रोफेसर रॉब वैन डैम ने चिंता जताई है कि कैफीन पाउच किशोरों में पहले से मौजूद चिंता और नींद की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। पढ़ाई और सामाजिक दबाव के बीच पर्याप्त नींद न मिलना उनके मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन और विकास को प्रभावित कर सकता है।
कॉफी और एनर्जी ड्रिंक के साथ सेवन से बढ़ सकता है जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर दिनभर में लिए जाने वाले कुल कैफीन का सही हिसाब नहीं रख पाते। यदि कोई छात्र कैफीन पाउच के साथ कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या दूसरे कैफीन युक्त उत्पाद भी इस्तेमाल करता है, तो कुल मात्रा बढ़ सकती है।
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 400 मिलीग्राम तक कैफीन आमतौर पर नकारात्मक प्रभावों से जुड़ा नहीं होता। हालांकि, यह वयस्कों के लिए सामान्य संदर्भ है, बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित मात्रा का मानक नहीं। कम उम्र के लोगों पर कैफीन का असर अलग हो सकता है।
कई स्कूल जिलों ने अपने नियमों में किया बदलाव
छात्रों की सुरक्षा और कैफीन तथा निकोटीन पाउच के बीच अंतर पहचानने में आने वाली कठिनाइयों के चलते न्यूयॉर्क, कंसास, पेंसिल्वेनिया और मिसौरी के कुछ स्कूल जिलों ने कैफीन पाउच को अपने छात्र आचार नियमों में शामिल किया है या स्कूल परिसर में इनके इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
मिशिगन के ऑनस्टेड मिडिल स्कूल और विस्कॉन्सिन के नॉर्थ मिडिल स्कूल सहित कुछ संस्थानों ने अभिभावकों से बच्चों को ये उत्पाद स्कूल न भेजने की अपील की है।
कंसास के होल्टन हाई स्कूल के अनुसार, कर्मचारियों के लिए पाउच के अंदर मौजूद पदार्थ की विश्वसनीय पहचान करना मुश्किल है। इसी वजह से स्कूल ने तंबाकू और उससे मिलते-जुलते उत्पादों पर लागू नियमों के तहत कैफीन पाउच पर भी प्रतिबंध लगाया है।
न्यूयॉर्क के पेरू सेंट्रल स्कूल डिस्ट्रिक्ट में भी मई 2025 की स्कूल बोर्ड बैठक के दौरान कैफीन और निकोटीन पाउच के एक जैसे दिखने को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद जिले की आचार संहिता में स्कूल परिसर में कैफीन की गोलियों और पाउच के इस्तेमाल पर रोक शामिल की गई।
स्कूलों के सामने नियम लागू करने की चुनौती
अमेरिका में स्कूलों के लिए बने कुछ संघीय पोषण नियम स्कूल के समय प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में कैफीन वाले पेय पदार्थों की बिक्री को सीमित करते हैं। हालांकि, घर से लाए जाने वाले उत्पादों पर ये नियम उसी तरह लागू नहीं होते। ऐसे में स्कूल जिलों को तय करना पड़ता है कि कैफीन पाउच के इस्तेमाल को कैसे नियंत्रित किया जाए।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) की जुलाई में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 12 से 19 वर्ष के करीब दो-तिहाई युवा किसी दिन कैफीन का सेवन करते हैं। उनकी औसत दैनिक खपत लगभग 31 मिलीग्राम बताई गई, जो कुछ कैफीन पाउच में मौजूद मात्रा से काफी कम है।
गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत लें चिकित्सा सहायता
विशेषज्ञ अभिभावकों को सलाह देते हैं कि वे बच्चों के कैफीन सेवन पर ध्यान दें और पाउच के साथ कॉफी या एनर्जी ड्रिंक जैसे अन्य स्रोतों को भी ध्यान में रखें। अमेरिका में संभावित विषाक्तता या अधिक कैफीन सेवन की स्थिति में पॉइजन कंट्रोल सेंटर की हेल्पलाइन 1-800-222-1222 पर संपर्क किया जा सकता है।
दौरे पड़ने, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या हृदय से जुड़े गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कैफीन पाउच के जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्कूलों में स्पष्ट नियम बनाना जरूरी है।
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