US Visa Wait Time: भारतीयों को अमेरिकी विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए 346 दिन इंतजार
GAO की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में भारत में अमेरिकी विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए औसत प्रतीक्षा समय 346 दिन रहा। रिपोर्ट में बढ़ती मांग और कांसुलर स्टाफ की कमी को प्रमुख कारणों में बताया गया है।
अमेरिका का विजिटर वीजा हासिल करने के लिए भारतीय आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अमेरिकी सरकारी ऑडिट संस्था Government Accountability Office (GAO) की नई रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में भारत में अमेरिकी विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए औसत प्रतीक्षा समय 346 दिन रहा। रिपोर्ट 28 सितंबर 2026 को जारी की गई।
हालांकि, 346 दिन का आंकड़ा इंटरव्यू की तारीख मिलने तक के औसत इंतजार को दर्शाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इंटरव्यू के बाद वीजा निर्णय आने में भी इतना समय लगता है या वर्तमान में आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को निश्चित रूप से 346 दिन इंतजार करना पड़ेगा।
भारत में वीजा आवेदनों का दबाव ज्यादा
GAO के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में भारत से करीब 14,55,255 नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदन आए। इन आवेदनों के काम के लिए भारत में 68 कांसुलर अधिकारी नॉन-इमिग्रेंट वीजा से संबंधित जिम्मेदारियों पर काम कर रहे थे।
इस हिसाब से एक अधिकारी पर औसतन करीब 21,401 आवेदन का भार था। GAO के विश्लेषण में भारत में कर्मचारियों की संख्या और वीजा मांग के बीच असंतुलन को लंबे इंटरव्यू वेट टाइम से जुड़ा प्रमुख कारण बताया गया है।
चीन और ब्राजील से काफी ज्यादा इंतजार
GAO ने भारत की स्थिति की तुलना चीन, ब्राजील और मेक्सिको से भी की। वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक:
- भारत: 346 दिन
- मेक्सिको: 283 दिन
- चीन: 34 दिन
- ब्राजील: 32 दिन
भारत और मेक्सिको में प्रति कांसुलर अधिकारी नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदनों की संख्या चीन और ब्राजील की तुलना में काफी अधिक थी।
GAO ने बताया कि भारत, चीन, मेक्सिको और ब्राजील में अधिकारियों से बातचीत के दौरान स्टाफ की उपलब्धता और वीजा मांग के बीच अंतर को इंटरव्यू में देरी से जुड़ा महत्वपूर्ण कारक बताया गया।
महामारी के बाद बढ़ी वीजा मांग
रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 महामारी के बाद अमेरिकी विजिटर वीजा की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई। अमेरिका के विदेश विभाग ने वित्त वर्ष 2025 में दुनिया भर में 11.7 मिलियन विजिटर वीजा का फैसला किया, जो महामारी से पहले के स्तर से भी अधिक था।
इसके साथ ही नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर काम करने वाले कांसुलर अधिकारियों की संख्या वित्त वर्ष 2024 के 1,342 से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 904 हो गई। GAO ने भर्ती पर रोक और कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने को इसके कारणों में शामिल किया।
नई दिल्ली में इंटरव्यू क्षमता भी चुनौती
ऑडिट में नई दिल्ली में उपलब्ध इंटरव्यू क्षमता और स्थान से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। ज्यादा संख्या में आवेदकों के कारण कांसुलर सुविधाओं पर दबाव बढ़ा है।
GAO के मुताबिक नई दिल्ली में इंटरव्यू क्षमता बढ़ाने की जरूरत है, लेकिन नई इमारत में जाने की योजना के बावजूद इंटरव्यू विंडो की संख्या में बदलाव नहीं होने की जानकारी दी गई थी।
वीजा एजेंटों द्वारा स्लॉट बुक करने का मुद्दा
रिपोर्ट में वीजा अपॉइंटमेंट स्लॉट की बुकिंग से जुड़ी समस्या का भी उल्लेख किया गया। GAO के अनुसार कुछ भुगतान लेकर काम करने वाले एजेंट उपलब्ध होते ही अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक कर लेते हैं और बाद में इन्हें अपने ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं।
इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने वीजा अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग सिस्टम में बदलाव किए हैं।
इंटरव्यू की जरूरत न होने वाले मामलों को दूर से निपटाया गया
बैकलॉग कम करने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने कुछ ऐसे आवेदनों को दूर से निपटाने का भी इस्तेमाल किया जिनमें व्यक्तिगत इंटरव्यू की आवश्यकता नहीं थी।
GAO के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में वाशिंगटन की एक कांसुलर यूनिट ने नई दिल्ली से जुड़े ऐसे 80.6 प्रतिशत विजिटर वीजा मामलों को रिमोट तरीके से प्रोसेस किया, जिनमें इंटरव्यू की जरूरत नहीं थी। नई दिल्ली में तैनात कर्मचारियों ने वीजा आवेदनों को निपटाने के लिए अतिरिक्त शनिवार को भी काम किया।
GAO ने स्टाफिंग व्यवस्था पर सिफारिश दी
GAO ने अमेरिकी विदेश विभाग से कांसुलर स्टाफ की जरूरत और काम के बोझ का नियमित मूल्यांकन सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के पास Global Repositioning Exercise (GREX) जैसी प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल कर्मचारियों की तैनाती और काम के बोझ के बीच बेहतर संतुलन बनाने के लिए किया जा सकता है।
GAO ने कहा कि इस प्रक्रिया को नियमित रूप से कराने के लिए कोई औपचारिक व्यवस्था बनाने से अलग-अलग देशों में स्टाफिंग जरूरतों का बेहतर आकलन किया जा सकता है।
भारतीय आवेदकों के लिए क्या समझना जरूरी है?
346 दिनों का आंकड़ा FY2025 का औसत इंटरव्यू वेट टाइम है। इसे आज आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए तय प्रतीक्षा अवधि नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक प्रतीक्षा समय अपॉइंटमेंट की उपलब्धता, वीजा श्रेणी और संबंधित अमेरिकी कांसुलर पोस्ट की मौजूदा स्थिति के आधार पर अलग हो सकता है।
इस रिपोर्ट से यह जरूर स्पष्ट होता है कि वित्त वर्ष 2025 में भारत में अमेरिकी नॉन-इमिग्रेंट वीजा की मांग और उपलब्ध कांसुलर क्षमता के बीच बड़ा अंतर था, जिसका असर इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय पर पड़ा।
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