World Heart Day 2026: दिल की सेहत के लिए इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

विश्व हृदय दिवस 2026 पर जानिए हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारक, हार्ट अटैक के चेतावनी संकेत और दिल को स्वस्थ रखने के जरूरी उपाय।

Sep 29, 2026 - 09:15
0 0
World Heart Day 2026: दिल की सेहत के लिए इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
World Heart Day 2026: दिल की सेहत के लिए इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों, उनके जोखिम कारकों, शुरुआती चेतावनी संकेतों और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक हृदय संबंधी बीमारियां दुनिया में मौत का प्रमुख कारण बनी हुई हैं। वर्ष 2022 में इन बीमारियों से अनुमानित 19.8 मिलियन लोगों की मौत हुई, जो वैश्विक मौतों का करीब 32% है। इनमें लगभग 85% मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं।

2026 में 'Don't Miss a Beat' अभियान का जोर

विश्व हृदय महासंघ (World Heart Federation) ने 2026 में 'Don't Miss a Beat' अभियान के जरिए हृदय रोगों के ऐसे संकेतों पर ध्यान देने का संदेश दिया है, जिन्हें लोग कई बार नजरअंदाज कर देते हैं। अभियान का उद्देश्य लक्षणों की पहचान, जोखिम कम करने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक से जुड़ा बड़ा वैश्विक बोझ

हृदय संबंधी बीमारियों में कोरोनरी हार्ट डिजीज, स्ट्रोक से जुड़ी बीमारियां, रूमेटिक हार्ट डिजीज और हृदय तथा रक्त वाहिकाओं से जुड़ी अन्य स्थितियां शामिल हैं। WHO के अनुसार 2021 में गैर-संचारी रोगों से 70 वर्ष से कम उम्र में हुई करीब 18 मिलियन समय से पहले मौतों में कम से कम 38% मौतें हृदय संबंधी बीमारियों से जुड़ी थीं।

हाई ब्लड प्रेशर को न करें नजरअंदाज

हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना स्पष्ट लक्षण के भी मौजूद रह सकता है। यही वजह है कि केवल परेशानी महसूस होने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जरूरी है। लंबे समय तक अनियंत्रित उच्च रक्तचाप हृदय रोग और स्ट्रोक समेत कई गंभीर जटिलताओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

WHO के अनुसार रक्तचाप की नियमित जांच से हाई ब्लड प्रेशर की पहचान की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर जीवनशैली में बदलाव तथा चिकित्सकीय उपचार शुरू किया जा सकता है।

खानपान का रखें विशेष ध्यान

अस्वास्थ्यकर आहार हृदय रोग के प्रमुख व्यवहार संबंधी जोखिम कारकों में शामिल है। बहुत अधिक नमक, अस्वास्थ्यकर वसा और अतिरिक्त शर्करा का सेवन तथा फल-सब्जियों का कम सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

WHO संतुलित आहार, नमक का सेवन कम करने, फल-सब्जियों को आहार में शामिल करने और अस्वास्थ्यकर वसा से बचने जैसे उपायों को हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मानता है।

भारत में भी जोखिम कारकों पर ध्यान जरूरी

भारत में गैर-संचारी रोगों का बोझ बढ़ रहा है और हृदय संबंधी बीमारियां इसका महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ICMR से जुड़े शोध में अस्वास्थ्यकर आहार, उच्च रक्तचाप, बढ़ी रक्त शर्करा, उच्च कोलेस्ट्रॉल और अधिक वजन जैसे कारकों को भारत में बीमारी के बढ़ते बोझ से जोड़ा गया है।

ICMR की वर्तमान पहलों में भी हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की पहचान, नियंत्रण और प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।

शारीरिक गतिविधि को बनाएं रोज की आदत

लंबे समय तक बैठे रहना और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। World Heart Federation ने 2026 के 'Keep the Beat' चैलेंज के तहत सितंबर में रोजाना 20 मिनट की शारीरिक गतिविधि के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया है। इसमें पैदल चलना, साइकिल चलाना, दौड़ना, खेलना या डांस जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।

हालांकि व्यायाम की मात्रा और प्रकार व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करना चाहिए।

तंबाकू से दूरी बनाना जरूरी

WHO के अनुसार तंबाकू का सेवन, शारीरिक निष्क्रियता, अस्वास्थ्यकर आहार और हानिकारक तरीके से शराब का सेवन हृदय रोग और स्ट्रोक के प्रमुख व्यवहार संबंधी जोखिम कारकों में शामिल हैं।

इसलिए धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना हृदय स्वास्थ्य की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

डायबिटीज, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल पर रखें नजर

हृदय रोग का जोखिम केवल ब्लड प्रेशर तक सीमित नहीं है। बढ़ी हुई रक्त शर्करा, उच्च कोलेस्ट्रॉल, अधिक वजन और मोटापा भी महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं। WHO के अनुसार इन मेटाबोलिक जोखिम कारकों की प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर पहचान और प्रबंधन से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय विफलता जैसी जटिलताओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

हार्ट अटैक के संकेत पहचानना बेहद जरूरी

हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके संभावित संकेतों में सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, मतली या असामान्य कमजोरी शामिल हो सकती है। कुछ लोगों में लक्षण अलग तरीके से भी सामने आ सकते हैं।

WHO के अनुसार हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देने पर जल्द से जल्द आपात चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपचार में देरी से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान बढ़ सकता है।

महिलाओं और युवाओं को भी रहना चाहिए सतर्क

हृदय रोग को केवल बुजुर्गों से जोड़कर देखना सही नहीं है। अस्वास्थ्यकर खानपान, शारीरिक निष्क्रियता, तंबाकू, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कम उम्र में भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।

महिलाओं में भी हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा पारंपरिक सीने के दर्द के रूप में सामने नहीं आते। इसलिए सांस फूलना, असामान्य थकान या अन्य अचानक और गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

वायु प्रदूषण भी हृदय स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम

हृदय स्वास्थ्य पर पर्यावरणीय कारकों का भी असर पड़ता है। WHO वायु प्रदूषण को गैर-संचारी रोगों और हृदय संबंधी बीमारियों से जुड़े महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जोखिम कारकों में शामिल करता है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क को हृदय रोग और स्ट्रोक के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है।

नियमित जांच से समय पर पता चल सकता है जोखिम

ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और वजन जैसे स्वास्थ्य संकेतकों की समय-समय पर जांच जोखिम की पहचान में मदद कर सकती है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल या तंबाकू सेवन वाले लोगों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित जांच करानी चाहिए।

WHO के अनुसार हृदय रोगों की जल्दी पहचान होने पर काउंसलिंग और जरूरी दवाओं के जरिए जोखिम का प्रबंधन शुरू किया जा सकता है।

दिल की सेहत के लिए रोजमर्रा की आदतें बदलें

हृदय स्वास्थ्य की सुरक्षा किसी एक दिन की कोशिश से नहीं बल्कि लगातार स्वस्थ आदतों से जुड़ी है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, तंबाकू से दूरी, पर्याप्त नींद और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ब्लड प्रेशर, शुगर व कोलेस्ट्रॉल का प्रबंधन महत्वपूर्ण है।

विश्व हृदय दिवस 2026 का संदेश

World Heart Day 2026 का संदेश है कि हृदय से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज न करें। जोखिम कारकों की समय पर पहचान, स्वस्थ जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य जांच और गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता हृदय स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।

'Don't Miss a Beat' अभियान इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए लोगों को अपने हृदय की सेहत के प्रति अधिक जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर समय पर कार्रवाई करने का संदेश देता है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी गंभीर या अचानक लक्षण की स्थिति में स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय/आपात सहायता लें।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 1
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User