यमन में फिर बढ़ा तनाव, हूती हमलों पर UN की चिंता; संघर्ष फैलने का खतरा
यमन में हूती लड़ाकों और सरकारी बलों के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष तेज होने से तनाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने हालात पर गंभीर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से हिंसा रोकने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है।
यमन में अलग-अलग इलाकों में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच संयुक्त राष्ट्र ने हालात को लेकर गंभीर चिंता जताई है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने कहा कि हाल के दिनों में हूती लड़ाकों की ओर से किए गए हमले संघर्ष को और व्यापक रूप दे सकते हैं।
ग्रंडबर्ग के मुताबिक, नागरिकों के मारे जाने और घायल होने के साथ-साथ परिवारों के विस्थापन तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बड़े स्तर पर लगातार लड़ाई शुरू होती है, तो इसका सबसे गंभीर असर आम लोगों पर पड़ेगा और राजनीतिक समाधान की संभावनाएं और कमजोर हो सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई और हिंसा रोकने, अधिकतम संयम बरतने तथा तनाव कम करने के लिए बातचीत के मौजूदा माध्यमों का इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह स्थिति को नियंत्रित करने और बातचीत का रास्ता खुला रखने के लिए संबंधित पक्षों के संपर्क में बने रहेंगे।
इस बीच यमन के कई हिस्सों में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच संघर्ष तेज होने की खबर है। सरकारी बलों ने उत्तरी अल-जौफ प्रांत में सैन्य अभियान शुरू किया है। वहीं हूती लड़ाके पश्चिमी ताइज प्रांत को लाल सागर के महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोचा से जोड़ने वाले रास्तों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी बल बख्तरबंद वाहनों के साथ अल-जौफ की राजधानी अल-हज्म के पूर्व में स्थित अल-लबानात सैन्य अड्डे की ओर बढ़ रहे हैं। बताया गया है कि इस ठिकाने को घेरने की कोशिश की जा रही है।
जमीनी अभियान से पहले इस सैन्य अड्डे पर हवाई हमले भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन हमलों में हूती संगठन के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और हथियारों के भंडार को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
संघर्ष का असर ताइज और होदेइदा प्रांतों में भी दिखाई दे रहा है। इन इलाकों में पिछले कई दिनों से जारी लड़ाई में दोनों पक्षों के बड़ी संख्या में लड़ाकों के मारे जाने की खबर है।
संयुक्त राष्ट्र ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय देशों से भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर तनाव कम कराने की अपील की है। यमन में मौजूदा संकट वर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना समेत देश के उत्तरी हिस्सों के बड़े क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था।
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