ब्रिक्स में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर जोर देंगे गुतारेस, UNSC सुधार की उठेगी आवाज

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतानियो गुतारेस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। अपने संबोधन में वह बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, वैश्विक संस्थाओं में सुधार और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने की जरूरत पर जोर दे सकते हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान पश्चिम एशिया संकट समेत कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

Sep 10, 2026 - 13:54
0 0
ब्रिक्स में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर जोर देंगे गुतारेस, UNSC सुधार की उठेगी आवाज

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतानियो गुतारेस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में गुतारेस अपने संबोधन के दौरान बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की अहमियत और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दे सकते हैं।

सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर रहेगा फोकस

गुतारेस को 13 सितंबर को होने वाले खुले सत्र में संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। उनके भाषण में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत प्रमुख बहुपक्षीय संस्थाओं को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बनाने का मुद्दा प्रमुखता से उठने की संभावना है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के अनुसार, आज की आर्थिक, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक परिस्थितियां 1945 के दौर से काफी अलग हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की संरचना और कार्यप्रणाली में भी समय के साथ बदलाव जरूरी है।

बहुध्रुवीय व्यवस्था से संतुलन की उम्मीद

गुतारेस के संबोधन में बहुध्रुवीयता को वैश्विक व्यवस्था में संतुलन स्थापित करने के संभावित माध्यम के रूप में भी रेखांकित किया जा सकता है। इसके साथ ही ब्रेटन वुड्स व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की मांग करता रहा है। नई दिल्ली का मानना है कि मौजूदा 15 सदस्यीय व्यवस्था आज की वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक वास्तविकताओं को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भी लगातार अपना पक्ष रखता रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की संभावना

गुतारेस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की भी संभावना है। इसके अलावा वह ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य देशों के नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर सकते हैं।

भारत कर रहा है ब्रिक्स की अध्यक्षता

भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। देश इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी समूह की अध्यक्षता कर चुका है। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, सहयोग और स्थिरता से जुड़े मुद्दों के साथ पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर केंद्रित है। सम्मेलन में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच विकासशील देशों की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे।

गुतारेस का भारत से पुराना जुड़ाव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के तौर पर गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है। वह इससे पहले फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिति कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम ग्लोबल साउथ में आयोजित प्रमुख वैश्विक एआई पहलों में शामिल था।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User