Swiss President Guy Parmelin India Visit: भारत पहुंचे गाइ परमेलिन, PM मोदी से होगी अहम वार्ता
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन 5 से 7 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी के साथ व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और India-EFTA TEPA पर चर्चा होगी।
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे। उनके साथ उच्चस्तरीय अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल भी आया है। नई दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका स्वागत किया। यह राष्ट्रपति परमेलिन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है और इस साल उनका दूसरा भारत दौरा है।
राष्ट्रपति परमेलिन और उनकी पत्नी कैरोलीन परमेलिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे।
5 से 7 अक्टूबर तक भारत दौरा
स्विस राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 5 से 7 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन, मोबिलिटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के सहयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
परमेलिन ने भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर बताया है। उनके अनुसार, भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।
पीएम मोदी और गाइ परमेलिन के बीच होगी बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ परमेलिन सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों के साथ विज्ञान एवं तकनीक, नवाचार, लोगों की आवाजाही और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
फरवरी 2026 में भी दोनों नेताओं की नई दिल्ली में मुलाकात हुई थी। उस दौरान AI Impact Summit के मौके पर भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के विभिन्न पहलुओं, व्यापार, निवेश, विज्ञान-तकनीक, इनोवेशन, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क पर चर्चा हुई थी।
भारत-EFTA TEPA पर भी रहेगा फोकस
परमेलिन की मौजूदा यात्रा में भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) भी महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच यह समझौता 10 मार्च 2024 को हुआ था और 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ।
राष्ट्रपति परमेलिन 7 अक्टूबर को होने वाले दूसरे India-EFTA Prosperity Summit में भी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है।
स्विट्जरलैंड भारत का अहम आर्थिक साझेदार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, EFTA के चार सदस्य देशों—स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन—में स्विट्जरलैंड भारत का प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने में TEPA को महत्वपूर्ण ढांचे के रूप में देखा जा रहा है।
TEPA में व्यापार और निवेश बढ़ाने के अलावा सेवाओं, बाजार पहुंच और अन्य आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। भारत सरकार के अनुसार, समझौते में अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार से जुड़ी प्रतिबद्धता भी शामिल है।
राष्ट्रपति मुर्मु और विदेश मंत्री जयशंकर से भी मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति परमेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी स्विस राष्ट्रपति के साथ बैठक प्रस्तावित है।
इस यात्रा को दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क को आगे बढ़ाने की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार एवं निवेश के अलावा विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग जारी है।
इस साल दूसरी बार भारत आए हैं परमेलिन
गाइ परमेलिन फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में हिस्सा लेने भारत आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात में दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों की समीक्षा हुई थी और TEPA के जरिए आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
अब अक्टूबर की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा के साथ भविष्य में आर्थिक, तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा करेंगे।
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