भारत-EAEU FTA वार्ता में तेजी, पीयूष गोयल ने व्यापार मंत्री आंद्रेई स्लेपनेव से की चर्चा
भारत और EAEU के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत को तेज करने की दिशा में अहम कदम। पीयूष गोयल ने आंद्रेई स्लेपनेव के साथ व्यापार, बाजार पहुंच और फार्मा-टेक्नोलॉजी-ऑटो सेक्टर में सहयोग पर चर्चा की।
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन के व्यापार मंत्री आंद्रेई स्लेपनेव के साथ बैठक की। इस दौरान प्रस्तावित भारत-यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत को तेज करने के साथ दोनों पक्षों के बीच व्यापार और बाजार पहुंच बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा कारोबार के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया गया। फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को भी बातचीत का प्रमुख हिस्सा बनाया गया।
FTA वार्ता जल्द आगे बढ़ाने पर जोर
आंद्रेई स्लेपनेव के साथ बैठक के बाद पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि भारत और EAEU के बीच प्रस्तावित FTA पर बातचीत को गति देने के तरीकों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के अवसरों पर भी चर्चा की।
इस समझौते का उद्देश्य भारत और EAEU सदस्य देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और कारोबारी गतिविधियों के लिए बेहतर परिस्थितियां तैयार करना है।
फार्मा, टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर पर नजर
बैठक में फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया। इन क्षेत्रों में सहयोग और बाजार पहुंच बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात तथा निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं।
भारत लंबे समय से वैश्विक बाजारों में अपने निर्यात का विस्तार करने के लिए विभिन्न देशों और क्षेत्रीय समूहों के साथ व्यापार समझौतों को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में EAEU के साथ FTA को भी इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पांच देशों का समूह है EAEU
यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन में आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस शामिल हैं। भारत और EAEU के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है।
प्रस्तावित FTA के जरिए दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को सुगम बनाने, बाजार पहुंच बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का लक्ष्य है।
भारत के निर्यात विस्तार की रणनीति में अहम कदम
EAEU के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत में तेजी ऐसे समय में हो रही है, जब भारत अपने निर्यात बाजारों का विस्तार करने पर लगातार जोर दे रहा है। सरकार विभिन्न वैश्विक बाजारों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
भारत-EU FTA को लेकर भी बढ़ी गतिविधियां
पीयूष गोयल ने इसी महीने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित FTA को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि EU के सभी 27 सदस्य देश समझौते का समर्थन कर रहे हैं और इसे लागू करने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
भारत-EU समझौते से मछली पालन, कपड़ा और फुटवियर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा रसायन और फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिल सकता है।
863.1 अरब डॉलर तक पहुंचा भारत का कुल निर्यात
सरकार की अगस्त में जारी फैक्टशीट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात 863.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसमें 441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात शामिल रहा।
ऐसे में EAEU सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों के साथ व्यापार समझौतों को आगे बढ़ाना भारत की निर्यात वृद्धि की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भारतीय कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)