9/11 के 25 साल: 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में क्या हुआ था, जिसने बदल दी दुनिया की तस्वीर
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले में 2,977 लोगों की जान गई थी। न्यूयॉर्क के ट्विन टावर्स और पेंटागन को निशाना बनाया गया, जबकि फ्लाइट 93 पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुई। 2026 में इस भयावह घटना को 25 साल पूरे हो रहे हैं। जानिए 9/11 हमले की पूरी कहानी और इसके वैश्विक असर।
11 सितंबर 2001 की सुबह अमेरिका के इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में शामिल हो गई। इस दिन आतंकवादियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण कर उन्हें हमले के लिए इस्तेमाल किया। न्यूयॉर्क का वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वर्जीनिया स्थित पेंटागन निशाने पर थे, जबकि चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस हमले में 2,977 लोगों की जान गई। घटना के बाद अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था, विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान में बड़े बदलाव हुए। वर्ष 2026 में इस त्रासदी को 25 साल पूरे हो रहे हैं।
8:46 बजे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराया पहला विमान
11 सितंबर 2001 को सुबह 8:46 बजे अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 11 न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टावर से टकराई। इसके कुछ ही मिनट बाद सुबह 9:03 बजे यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 साउथ टावर से जा टकराई।
दोनों विमानों के टकराने के बाद इमारतों में आग फैल गई और पूरे इलाके में धुआं छा गया। शुरुआत में लोगों को घटना की गंभीरता का अंदाजा नहीं था, लेकिन कुछ ही समय में स्पष्ट हो गया कि यह एक सुनियोजित आतंकी हमला है।
पेंटागन पर भी हुआ हमला
तीसरे विमान अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 77 को आतंकवादियों ने सुबह 9:37 बजे वर्जीनिया के अर्लिंगटन स्थित पेंटागन से टकरा दिया। पेंटागन अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय है।
एक ही सुबह अमेरिका की आर्थिक और सैन्य शक्ति के प्रमुख प्रतीकों पर हुए हमलों ने पूरे देश को हिला दिया और सुरक्षा व्यवस्था के सामने अभूतपूर्व चुनौती खड़ी कर दी।
फ्लाइट 93 के यात्रियों ने दिखाया साहस
चौथा विमान यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 93 था। विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल को अन्य विमानों पर हुए हमलों की जानकारी मिल चुकी थी। इसके बाद उन्होंने अपहर्ताओं का विरोध करने की कोशिश की।
विमान पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविल के पास एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार किसी व्यक्ति की जान नहीं बच सकी, लेकिन यात्रियों के प्रतिरोध के कारण विमान अपने संभावित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया।
देखते ही देखते ढह गए ट्विन टावर्स
सुबह 9:59 बजे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का साउथ टावर गिर गया। करीब आधे घंटे बाद 10:28 बजे नॉर्थ टावर भी ढह गया। दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने टेलीविजन पर इन इमारतों को मलबे में बदलते देखा।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस, दमकलकर्मी और बचाव दल के सदस्यों ने लोगों को बाहर निकालने और घायलों की मदद करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।
2,977 लोगों की हुई मौत
9/11 हमलों में कुल 2,977 लोगों की मौत हुई। इनमें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और फ्लाइट 93 से जुड़े लोग शामिल थे। अलग-अलग देशों और समुदायों के नागरिक इस त्रासदी के शिकार बने।
हमले के बाद राहत और बचाव अभियान लंबे समय तक चला। इसके अलावा बचाव कार्यों में शामिल कई लोगों को बाद के वर्षों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।
अल-कायदा पर लगा हमले का आरोप
अमेरिकी जांच एजेंसियों ने हमले के लिए अल-कायदा से जुड़े 19 अपहर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। जांच के अनुसार हमले की योजना लंबे समय से तैयार की जा रही थी और अपहर्ताओं ने अमेरिका में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण भी लिया था।
अल-कायदा का नेतृत्व उस समय ओसामा बिन लादेन कर रहा था। 9/11 के बाद अमेरिका ने उसे पकड़ने और संगठन के नेटवर्क को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया।
अफगानिस्तान में शुरू हुआ अमेरिकी सैन्य अभियान
हमलों के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों और उसे शरण देने वाले तालिबान शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की। ओसामा बिन लादेन की तलाश करीब एक दशक तक चली।
मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी विशेष अभियान के दौरान ओसामा बिन लादेन मारा गया।
9/11 के बाद बदल गई सुरक्षा व्यवस्था
हमले के बाद अमेरिका ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव किए। हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच कड़ी की गई, खुफिया एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत किया गया और आतंकवादी नेटवर्क की निगरानी बढ़ाई गई।
इन बदलावों का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। दुनिया के कई देशों ने भी हवाई सुरक्षा, आतंकवाद रोधी कानूनों और खुफिया सहयोग की अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
वैश्विक राजनीति पर भी पड़ा असर
9/11 के बाद आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हो गया। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने आतंकवादी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क, भर्ती तंत्र और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर कार्रवाई तेज की।
अफगानिस्तान में युद्ध और बाद के वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ सैन्य अभियानों ने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा नीति को लंबे समय तक प्रभावित किया।
ग्राउंड जीरो बना स्मृति का प्रतीक
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जगह को बाद में ‘ग्राउंड जीरो’ के नाम से जाना गया। मलबा हटाने और बचाव कार्य में कई महीने लगे। बाद में इसी स्थान पर 9/11 मेमोरियल बनाया गया, जहां हमले में मारे गए लोगों के नाम दर्ज हैं।
हर साल 11 सितंबर को यहां पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जाती है और हमले के प्रमुख समय पर मौन रखा जाता है।
25 साल बाद भी जिंदा है 9/11 की याद
2026 में 9/11 हमलों को 25 साल पूरे हो रहे हैं। एक चौथाई सदी गुजर जाने के बावजूद उस दिन की घटनाएं दुनिया की सामूहिक स्मृति का हिस्सा बनी हुई हैं।
9/11 ने यह दिखाया कि आतंकवाद का प्रभाव केवल तत्काल जनहानि तक सीमित नहीं रहता। इसका असर देशों की सुरक्षा नीतियों, विदेश संबंधों, समाज और आने वाली पीढ़ियों की सोच पर भी पड़ता है। हर साल 11 सितंबर को उन निर्दोष लोगों को याद किया जाता है जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई और उन लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)