भारत-कजाकिस्तान संबंधों की समीक्षा, दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर दिया जोर
भारत और कजाकिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, महत्वपूर्ण खनिजों और नई तकनीक सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को ठोस परिणामों में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और कजाकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया है। यह चर्चा कजाकिस्तान में भारत के राजदूत वाई.के. सैलास थंगल और कजाकिस्तान के उप विदेश मंत्री अरमान इस्सागालिव के बीच हुई बैठक में हुई।
कजाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की जानकारी साझा की। दूतावास के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने भारत-कजाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने के लिए आगे भी मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
नए अवसरों और भविष्य की साझेदारी पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने उभरते अवसरों का फायदा उठाने और आपसी समझ को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया। इसके साथ ही भारत और कजाकिस्तान के बीच भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
दोनों देशों के बीच संबंधों में व्यापार और निवेश के साथ-साथ ऊर्जा, रक्षा, कनेक्टिविटी और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्र भी महत्वपूर्ण हैं।
PM मोदी और टोकायेव की भी हुई थी मुलाकात
इससे पहले सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव की नई दिल्ली में मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई बैठक में भारत-कजाकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के पुराने सभ्यतागत संबंधों का उल्लेख किया और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय रिश्तों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया था।
कई क्षेत्रों में सहयोग की हुई समीक्षा
दोनों नेताओं की बैठक के दौरान राजनीतिक संबंधों, व्यापार, रक्षा एवं सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, उभरती तकनीकों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई थी।
इसके अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया था।
क्षेत्रीय शांति और विकास पर जोर
भारत और कजाकिस्तान ने दोनों देशों के लोगों के हितों के साथ-साथ क्षेत्र में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति टोकायेव ने 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भारत मंडपम में आयोजित रात्रिभोज में भी भाग लिया था।
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