भारत-थाईलैंड सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-15’ में युद्धकौशल का प्रदर्शन, आतंकवाद रोधी ऑपरेशन पर जोर

भारत और थाईलैंड की सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-15’ में दोनों देशों के सैनिक युद्धकौशल, नजदीकी मुकाबले और आतंकवाद रोधी अभियानों से जुड़ी तकनीकों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान मुए थाई और भारतीय सेना के मार्शल आर्ट्स के प्रदर्शन के साथ घेराबंदी, तलाशी, IED से निपटने और अर्ध-शहरी इलाकों में त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया गया।

Aug 25, 2026 - 18:13
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भारत-थाईलैंड सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-15’ में युद्धकौशल का प्रदर्शन, आतंकवाद रोधी ऑपरेशन पर जोर
भारत-थाईलैंड सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-15’ में युद्धकौशल का प्रदर्शन, आतंकवाद रोधी ऑपरेशन पर जोर

भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-15’ में दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की सैन्य क्षमताओं और परिचालन अनुभवों को समझ रहे हैं। अभ्यास में पारंपरिक हथियार प्रशिक्षण के साथ नजदीकी मुकाबले, आत्मरक्षा और आतंकवाद रोधी अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अभ्यास के दौरान रॉयल थाई सेना ने अपनी पारंपरिक युद्धकला मुए थाई का प्रदर्शन किया। इसके जवाब में भारतीय सैनिकों ने आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (AMAR) के जरिए नजदीकी लड़ाई और आत्मरक्षा की तकनीकें प्रदर्शित कीं। इससे दोनों सेनाओं के जवानों को शारीरिक दक्षता, अनुशासन और मुकाबले की अलग-अलग तकनीकों को समझने का अवसर मिला।

मैत्री-15 में आतंकवाद रोधी अभियानों से जुड़े कई व्यावहारिक परिदृश्यों का भी अभ्यास किया जा रहा है। सैनिकों ने मोबाइल वाहन जांच चौकी, घेराबंदी एवं तलाशी और संदिग्ध आतंकी ठिकानों में प्रवेश जैसी परिस्थितियों में संयुक्त कार्रवाई का प्रशिक्षण लिया।

अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभियान के दौरान तेजी से निर्णय लेने और बेहतर तालमेल की जरूरत को देखते हुए अभ्यास में त्वरित प्रतिक्रिया और सामरिक समन्वय पर भी जोर दिया गया है। संभावित IED यानी तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों से जुड़े खतरों की पहचान और सुरक्षित प्रतिक्रिया की प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया।

यह सैन्य अभ्यास 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावदी रंगसित शिविर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें दोनों देशों की सेनाओं के 85-85 सैनिक, यानी कुल 170 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं।

भारतीय दल में गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं, जबकि थाई पक्ष का प्रतिनिधित्व 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन कर रही है। अभ्यास का उद्देश्य कंपनी स्तर पर आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों में दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता, आपसी समझ और तालमेल को बेहतर बनाना है।

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