नेपाल त्रासदी के चौथे दिन भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन, मृतकों का आंकड़ा 626 पहुंचा
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के चार दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। आईओएम ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास में सहयोग का भरोसा दिया है।
1. नेपाल त्रासदी के चौथे दिन भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन, मृतकों का आंकड़ा 626 पहुंचा
काठमांडू, 29 अगस्त: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के चार दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आपदा ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। नेपाल सरकार के शनिवार के अपडेट के अनुसार अब तक 626 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 2,400 लोग लापता हैं।
बाढ़ के कारण सड़कें, पुल, मकान और अन्य जरूरी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था टूटने के कारण राहत दलों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने बचाव, राहत और लापता लोगों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
आईओएम ने बढ़ाया मदद का हाथ
संयुक्त राष्ट्र का इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) भी नेपाल और तिब्बत में प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आया है। संगठन ने कहा है कि वह स्थानीय जरूरतों और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप राहत तथा पुनर्वास कार्यों में सहयोग करने के लिए तैयार है।
आईओएम के अनुसार आपदा के बाद प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आवास, जरूरी गैर-खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं, कैंप प्रबंधन और आजीविका बहाली जैसी जरूरतें महत्वपूर्ण हैं। संगठन ने नेपाल में सरकारी एजेंसियों और मानवीय सहायता संगठनों के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
हजारों लोगों तक पहुंचने की चुनौती
भारी बारिश और कठिन पहाड़ी भूगोल के कारण कई प्रभावित क्षेत्र अभी भी राहत टीमों के लिए चुनौती बने हुए हैं। नेपाल सरकार के अनुसार हजारों सुरक्षाकर्मी बचाव अभियान में जुटे हैं और हेलीकॉप्टरों के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेपाल को सहायता मिल रही है। भारत सहित कई देशों ने राहत सामग्री और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया है। आपदा के बाद अब तत्काल राहत के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करना बड़ी चुनौती बन गया है।
नोट: मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े राहत एवं बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं।
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