पीएम-किसान की 24वीं किस्त आज जारी, 9.34 करोड़ किसानों को मिलेंगे 18,690 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिलेगी। साथ ही कृषि अवसंरचना कोष की 521 इकाइयां समर्पित होंगी और 12 बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन किया जाएगा।

Oct 30, 2026 - 09:07
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पीएम-किसान की 24वीं किस्त आज जारी, 9.34 करोड़ किसानों को मिलेंगे 18,690 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका को मजबूती देना है। सरकार इसे विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप कृषि क्षेत्र को समृद्ध, आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के प्रयासों का हिस्सा बता रही है।

कृषि अवसंरचना कोष की 521 इकाइयां होंगी समर्पित

प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत तैयार 521 इकाइयां भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनका मकसद कृषि उपज के भंडारण, प्रसंस्करण और उससे जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

इन इकाइयों में गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से संबंधित सुविधाएं शामिल हैं। इनके विकास से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

12 बागवानी क्लस्टरों का होगा उद्घाटन

प्रधानमंत्री उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 12 बागवानी क्लस्टरों का उद्घाटन भी करेंगे। ये क्लस्टर करीब 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे और इनसे 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

उत्तरी गुजरात के दो क्लस्टरों में आलू की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण एवं विपणन तक बागवानी क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।

रायसेन में किसानों के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

इसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान पीएम-किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाओं के माध्यम से किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रयासों को रेखांकित किया जाएगा।

23 किस्तों में किसानों को मिल चुके हैं 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक

पीएम-किसान योजना की पहली 23 किस्तों के जरिए पात्र किसान परिवारों को अब तक 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलती है।

इस राशि से किसान खेती से जुड़ी जरूरतों और घरेलू खर्चों को पूरा कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य किसानों को नियमित आर्थिक सहयोग देकर उनकी आजीविका को संबल देना है।

किसानों के लिए सरकार की प्रमुख योजनाएं

कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधारों में से एक है। यह करोड़ों लोगों की आजीविका और देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है।

इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ जैसी पहल शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक सहायता, फसल जोखिम से सुरक्षा, कृषि ऋण और आधुनिक खेती से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

खाद्य तेल और दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

सरकार खाद्य तेलों के राष्ट्रीय मिशन और दालों में आत्मनिर्भरता मिशन के माध्यम से घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और देश में खाद्य तेलों तथा दालों की उपलब्धता मजबूत करना है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में क्लस्टर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कृषि अवसंरचना कोष से 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश

कृषि उपज के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाएं बढ़ाने में कृषि अवसंरचना कोष की अहम भूमिका है। इसके तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र और दूसरी जरूरी सुविधाओं के निर्माण के लिए निवेश को प्रोत्साहित किया जाता है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत 2.28 लाख से अधिक परियोजनाओं में करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण व्यवस्था से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा

कृषि क्षेत्र में फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए बागवानी जैसी उच्च मूल्य वाली गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बागवानी क्लस्टरों के जरिए उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की योजना है।

पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी करने, कृषि अवसंरचना की 521 इकाइयां समर्पित करने और 12 बागवानी क्लस्टरों को शुरू करने जैसी पहल का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और बाजार क्षमता को मजबूत करना है।

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