Super Intelligence Accord: ट्रंप के साथ टेक कंपनियों का AI सुरक्षा समझौता
डोनाल्ड ट्रंप और प्रमुख टेक कंपनियों ने Super Intelligence की सुरक्षा को लेकर स्वैच्छिक समझौते पर सहमति जताई। इसमें आंतरिक जोखिम समीक्षा, बाहरी ऑडिट और बोर्ड निगरानी शामिल है।
अमेरिका में तेजी से विकसित हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रमुख टेक कंपनियों के बीच एक नए समझौते पर सहमति बनी है। व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान कंपनियों ने उन्नत AI यानी ‘Super Intelligence’ सिस्टम के विकास और इस्तेमाल के दौरान कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
यह समझौता फिलहाल स्वैच्छिक है। इसमें कंपनियों को अपने AI सिस्टम की सुरक्षा के लिए आंतरिक नियंत्रण, बाहरी मूल्यांकन और बोर्ड स्तर की निगरानी व्यवस्था अपनाने की बात कही गई है।
चार स्तरों पर होगी AI की सुरक्षा समीक्षा
समझौते के तहत कंपनियां सबसे पहले अपने AI मॉडल के लिए मजबूत Internal Controls तैयार करेंगी। इनका उद्देश्य मॉडल की क्षमताओं और संभावित जोखिमों की पहचान करना तथा यह सुनिश्चित करना होगा कि सिस्टम अपेक्षित तरीके से काम करें।
इसके बाद कंपनियों की आंतरिक टीमें इन सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगी। तीसरे स्तर पर स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर और मूल्यांकनकर्ता सुरक्षा उपायों की जांच करेंगे।
चौथे स्तर पर कंपनियों के निदेशक मंडल की स्वतंत्र समितियां ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा करेंगी और सामने आने वाली कमियों को दूर करने की प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगी।
जुकरबर्ग ने बताया सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत
Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने इसे व्हाइट हाउस समझौते के तौर पर बताया। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य ग्राहकों और आम लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि कंपनियों की AI तकनीक निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप काम करे।
जुकरबर्ग ने मजबूत आंतरिक नियंत्रण और समस्याओं का पता लगाने वाली व्यवस्थाओं के साथ कई स्तरों की ऑडिट प्रक्रिया की बात कही।
सुंदर पिचाई और डारियो अमोडेई ने भी जताई प्रतिबद्धता
Google CEO सुंदर पिचाई ने समझौते को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि AI में बड़े संभावित लाभ के साथ जोखिम भी मौजूद हैं। उनके मुताबिक, इन जोखिमों को संबोधित करने के लिए उद्योग को मिलकर काम करने की जरूरत है।
Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने भी AI के संभावित लाभों और वास्तविक जोखिमों दोनों का उल्लेख किया। उन्होंने सुरक्षित तरीके से तकनीक विकसित करने के लिए कंपनियों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
Nvidia CEO जेंसन हुआंग ने कहा कि तकनीकी प्रगति और सुरक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने AI के विकास के दौरान जिम्मेदार और सुरक्षित तरीके अपनाने पर जोर दिया।
ट्रंप ने AI को चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा से जोड़ा
बैठक के दौरान ट्रंप ने AI विकास को अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा से भी जोड़ा। उन्होंने AI सिस्टम चलाने के लिए जरूरी डेटा सेंटरों के विस्तार का समर्थन किया और कहा कि अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रखनी चाहिए।
डेटा सेंटरों के बढ़ते विस्तार के बीच बिजली की मांग और स्थानीय समुदायों पर इसके प्रभाव को लेकर भी अमेरिका में चर्चा चल रही है।
AI के लिए नए अधिकारी की नियुक्ति की तैयारी
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि व्हाइट हाउस में AI से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए एक नए अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। Reuters के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि वह इस पद के लिए नियुक्ति पर जल्द फैसला कर सकते हैं और इससे पहले टेक कंपनियों तथा कांग्रेस के सदस्यों से सलाह लेने की बात कही।
रोजगार और स्वास्थ्य क्षेत्र पर AI का असर
बैठक में AI के संभावित आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर भी चर्चा हुई। जेंसन हुआंग ने अमेरिका में चिप फैक्ट्रियों, कंप्यूटिंग सुविधाओं और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को बड़े औद्योगिक बदलाव से जोड़ा।
वहीं, एलन मस्क ने AI और रोबोटिक्स से रोजगार तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावित बदलावों की बात की। उन्होंने भविष्य में AI और रोबोटिक्स के जरिए चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की संभावना भी जताई।
इस पूरे समझौते के जरिए अमेरिका की प्रमुख टेक कंपनियों ने उन्नत AI सिस्टम के विकास के साथ सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की है। हालांकि, समझौते की प्रकृति फिलहाल स्वैच्छिक है।
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