होर्मुज में मदद से दक्षिण कोरिया के इनकार पर ट्रंप नाराज, उत्तर कोरिया के सैन्य अभ्यासों पर भी उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अमेरिका की मदद से दक्षिण कोरिया के इनकार पर नाराजगी जताई। उन्होंने उत्तर कोरिया के खिलाफ बड़े सैन्य अभ्यासों को लेकर भी सवाल उठाए और किम जोंग-उन के साथ अपने संबंधों का हवाला दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अमेरिका के साथ सहयोग से दक्षिण कोरिया के इनकार पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने दक्षिण कोरिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सियोल इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर निर्भर होने के बावजूद अमेरिकी प्रयासों में सहयोग करने के लिए तैयार नहीं है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दक्षिण कोरिया से होर्मुज जलडमरूमध्य में सहायता करने को लेकर बात की थी, लेकिन वहां से सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की तेल आपूर्ति में इस जलमार्ग की अहम भूमिका का भी उल्लेख किया।
उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य अभ्यास पर सवाल
ट्रंप ने इसी दौरान दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लेकर भी अपनी असहमति जताई। उनका कहना था कि ऐसे बड़े अभ्यास उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के लिए उकसावे या अपमान की तरह देखे जा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने किम जोंग-उन के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरियाई नेता के साथ उनके संबंध बेहतर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यासों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
किम जोंग-उन के साथ संबंधों का हवाला
ट्रंप से जब उत्तर कोरिया के साथ संभावित बातचीत और परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों पर जोर दिया।
उन्होंने पिछली अमेरिकी सरकारों का जिक्र करते हुए दावा किया कि किम जोंग-उन के उनके साथ संबंध बेहतर रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में जापान और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगी देश अधिक सुरक्षित रहेंगे।
उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमता पर चर्चा
ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि प्योंगयांग के पास दर्जनों परमाणु हथियार हैं तथा वह अपनी परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, अपने बयान के दौरान उन्होंने इस आकलन के समर्थन में कोई विस्तृत खुफिया जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
ट्रंप के ताजा बयान से अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंधों में बोझ साझा करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर मौजूद मतभेद सामने आए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियां आने वाले समय में अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दे बने रह सकते हैं।
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