WCOG 2026: जेपी नड्डा ने बताया भारत का हेल्थकेयर मॉडल, 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का जिक्र

नई दिल्ली में पहली बार आयोजित WCOG 2026 में जेपी नड्डा ने भारत की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और बीमारी की रोकथाम पर सरकार की रणनीति बताई।

Oct 01, 2026 - 08:59
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WCOG 2026: जेपी नड्डा ने बताया भारत का हेल्थकेयर मॉडल, 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का जिक्र

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को नई दिल्ली में वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (WCOG 2026) के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। भारत में पहली बार आयोजित हो रहे इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से डॉक्टर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

WCOG 2026 का आयोजन 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘Transforming Gastrointestinal Health, Preserving Nature’ है।

पहली बार भारत में आयोजित हो रहा WCOG

WCOG 2026 की मेजबानी इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (ISG) और वर्ल्ड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ऑर्गनाइजेशन (WGO) संयुक्त रूप से कर रहे हैं। INASL, CCFI, Indian Pancreas Club और INMA भी आयोजन में सहयोग कर रहे हैं।

सम्मेलन में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी, पैंक्रियाटोलॉजी, एंडोस्कोपी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी और पोषण सहित कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

इलाज के साथ बीमारी की रोकथाम पर जोर

अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित रखने के बजाय रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, उपचार, पुनर्वास और पेलिएटिव केयर को भी साथ लेकर चलने की जरूरत है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 का उल्लेख करते हुए प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली पर जोर दिया।

1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नेटवर्क

नड्डा ने देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, करीब 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर समुदायों तक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इन केंद्रों पर 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और ओरल, ब्रेस्ट तथा सर्वाइकल कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

करोड़ों लोगों की हुई स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के लिए 42 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं। वहीं ओरल कैंसर की 36 करोड़ से ज्यादा, ब्रेस्ट कैंसर की 17 करोड़ से अधिक और सर्वाइकल कैंसर की 9 करोड़ से ज्यादा स्क्रीनिंग होने की जानकारी दी गई।

उन्होंने स्वस्थ खानपान और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने वाली पहलों का भी उल्लेख किया।

आयुष्मान भारत और सस्ती दवाओं का जिक्र

नड्डा ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के जरिए स्वास्थ्य सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी रेखांकित किया। PIB के अनुसार योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है और अगस्त 2026 तक 13.25 करोड़ अस्पताल भर्ती के इलाज पर 2.03 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे।

उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के जरिए कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने की पहल का भी उल्लेख किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन जरूरी

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच रिसर्च और इनोवेशन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गैस्ट्रोएंटरोलॉजी क्षेत्र के विशेषज्ञ पेट, लिवर और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों से निपटने के लिए नए उपचार और समाधान विकसित करने में योगदान देंगे।

उन्होंने WCOG जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान तथा अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बताया।

नई तकनीक और उपचार पद्धतियों पर चर्चा

चार दिवसीय WCOG 2026 में वैज्ञानिक सत्रों, व्याख्यानों, बहस, वर्कशॉप, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और रिसर्च प्रेजेंटेशन के जरिए गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल हेल्थ से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

सम्मेलन का फोकस नई चिकित्सा तकनीकों, क्लिनिकल प्रैक्टिस, रिसर्च और इनोवेशन के जरिए गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर है।

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