यमन में हूती हमलों पर UN की कड़ी चिंता, सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा ढांचे को नुकसान
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दक्षिणी सऊदी अरब में किए गए सीमा पार हमलों पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। UN के मुताबिक यमन में बढ़ती हिंसा के कारण 5,600 से ज्यादा परिवार विस्थापित हुए हैं और मानवीय सहायता की जरूरत बढ़ रही है।
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र ने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से दक्षिणी सऊदी अरब में किए गए सीमा पार हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इन हमलों से नागरिकों के साथ-साथ ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संगठन नागरिकों के हताहत होने की खबरों को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने यमन के कई इलाकों में बढ़ती सैन्य झड़पों और संभावित नागरिक नुकसान की रिपोर्ट पर भी चिंता व्यक्त की।
UN ने सभी पक्षों से संयम की अपील की
संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को और बढ़ने से रोकने की अपील की है। UN ने कहा कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सैन्य कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए हर संभव सावधानी बरतना जरूरी है।
यमन के लिए UN के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग तनाव कम करने और राजनीतिक बातचीत के लिए परिस्थितियां बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। UN ने चेतावनी दी है कि सैन्य तनाव में बढ़ोतरी से यमन की राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा स्थिति और खराब हो सकती है।
5,600 से ज्यादा परिवार विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, यमन में हालिया संघर्ष से ऐसे समुदाय प्रभावित हो रहे हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे युद्ध के कारण पहले ही गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।
OCHA ने बताया कि गुरुवार से ताइज़ और दक्षिणी अल होदेइदाह प्रांतों में 5,600 से अधिक परिवार विस्थापित हुए हैं। पिछले एक सप्ताह में कम से कम 11 नागरिकों के हताहत होने की सूचना मिली है। इनमें दो बच्चों की मौत और नौ लोगों के घायल होने की जानकारी है।
मारिब प्रांत में भी सप्ताहांत के दौरान विस्थापित लोगों के ठिकानों पर गोलाबारी की खबर सामने आई। इस घटना में दो बच्चों की मौत और 15 अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। कई आश्रय स्थल क्षतिग्रस्त या नष्ट होने के बाद प्रभावित परिवारों को खुले में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
राहत कार्य जारी, लेकिन फंडिंग बड़ी चुनौती
OCHA के मुताबिक, मानवीय सहायता संगठन प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटे हैं। सोमवार तक करीब 2,340 परिवारों को आपातकालीन राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी थी। इनमें बड़ी संख्या ताइज़ के प्रभावित परिवारों की है, जबकि मारिब और अबयान में भी सहायता पहुंचाई गई है।
हालांकि, संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना अभी भी चुनौती बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की यमन के लिए 2.2 अरब डॉलर की मानवीय अपील को अब तक केवल करीब 20 प्रतिशत ही फंडिंग मिल सकी है।
UN ने एक बार फिर सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने का अवसर देना और जरूरतमंद लोगों तक मानवीय सहायता निर्बाध रूप से पहुंचाना जरूरी है।
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