भूपेंद्र यादव पहुंचे फिजी, COP31 से पहले प्री-COP बैठक में रखेंगे भारत का पक्ष
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव फिजी के नाडी पहुंच गए हैं। वह 5 से 8 अक्टूबर तक होने वाली COP31 प्री-COP बैठक में हिस्सा लेंगे और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर द्विपक्षीय व बहुपक्षीय चर्चाओं में भारत का पक्ष रखेंगे।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव मंगलवार को फिजी के नाडी पहुंचे। वह COP31 से पहले आयोजित प्री-COP बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार यह प्री-COP बैठक 5 से 8 अक्टूबर तक फिजी, तुवालु और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी में आयोजित की जा रही है।
इस दौरान यादव जलवायु परिवर्तन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे। इन चर्चाओं में COP31 के एजेंडे से जुड़े विषयों पर भारत की प्राथमिकताओं और विचारों को सामने रखने की उम्मीद है।
भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर बताया कि वह नाडी पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में होने वाली बैठकों के दौरान वह COP31 से संबंधित अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे।
COP31 की तैयारियों पर रहेगा फोकस
प्री-COP बैठक का उद्देश्य नवंबर में होने वाले COP31 से पहले जलवायु वार्ताओं के लिए राजनीतिक स्तर पर गति तैयार करना है। UNFCCC के अनुसार COP31 का आयोजन 9 से 20 नवंबर 2026 तक तुर्किये के अंताल्या में होगा।
ऑस्ट्रेलिया COP31 की वार्ताओं के लिए अध्यक्षता की भूमिका निभा रहा है, जबकि तुर्किये सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। UNFCCC के अनुसार ऑस्ट्रेलिया, फिजी और तुवालु के साथ मिलकर प्रशांत क्षेत्र में प्री-COP और नेताओं के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
क्रिस बोवेन से पहले हो चुकी है चर्चा
प्री-COP बैठक से पहले भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच प्री-COP और COP31 की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी।
क्रिस बोवेन COP31 की वार्ताओं के अध्यक्ष हैं। UNFCCC के दस्तावेजों में भी बोवेन को COP31 वार्ता प्रक्रिया की अध्यक्षता से जुड़ी भूमिका में बताया गया है।
यादव ने इससे पहले कहा था कि भारत COP31 की तैयारी में ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग जारी रखेगा। वहीं बोवेन ने जलवायु और ऊर्जा नीति से जुड़े वैश्विक प्रयासों में भारत की भूमिका तथा स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के अनुभव को महत्वपूर्ण बताया था।
प्री-COP बैठक ऐसे समय हो रही है जब देशों का ध्यान जलवायु प्रतिबद्धताओं को लागू करने, वित्त, अनुकूलन और वैश्विक जलवायु कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर COP31 में ठोस चर्चा की दिशा में है।
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