BRICS Summit 2026: दूसरे दिन भारत मंडपम पहुंचे पीएम मोदी, लचीलापन और सहयोग पर मंथन

BRICS Summit 2026 के दूसरे और अंतिम दिन पीएम मोदी भारत मंडपम पहुंचे। BRICS नेताओं ने लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता समेत वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।

Sep 13, 2026 - 13:15
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BRICS Summit 2026: दूसरे दिन भारत मंडपम पहुंचे पीएम मोदी, लचीलापन और सहयोग पर मंथन

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम पहुंचे। रविवार को समिट के ओपन सेशन में BRICS देशों के नेता समूह की अध्यक्षता की मुख्य थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं। यह सत्र भारत मंडपम स्थित समिट हॉल में आयोजित किया जा रहा है।

भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को हो रहे दो दिवसीय BRICS Summit 2026 का उद्देश्य सदस्य और साझेदार देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए साझा प्रयासों को आगे बढ़ाना है। ओपन सेशन में समावेशी वैश्विक विकास और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

कई देशों के नेताओं से मिलेंगे पीएम मोदी

BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इनमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, कजाकिस्तान के नेतृत्व, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, फिलीपींस, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेताओं के साथ मुलाकातें शामिल हैं।

दक्षिण अफ्रीका BRICS समूह का महत्वपूर्ण सदस्य है। राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने शनिवार को ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ विषय पर आयोजित BRICS सत्र में हिस्सा लिया था। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का भी दौरा किया।

वहीं, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने शनिवार को BRICS Summit के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी।

शनिवार को सर्वसम्मति से अपनाया गया नई दिल्ली घोषणापत्र

BRICS Summit के पहले दिन सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र-2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे व्यापक पहुंच और मजबूत उद्देश्य वाले BRICS की तस्वीर बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि घोषणापत्र में नवाचार, स्थिरता और लोगों के बीच संपर्क को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे BRICS देशों के बीच सहयोग अधिक व्यावहारिक, विकास-केंद्रित और लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप बनेगा।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर जताई चिंता

नई दिल्ली घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई। BRICS देशों ने अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की, जिनसे क्षेत्रीय स्थिति और खराब हो सकती है।

घोषणापत्र में इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए दो-राज्य समाधान के समर्थन को भी दोहराया गया। साथ ही फिलिस्तीन के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थागत समर्थन और गाजा में मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

एकतरफा प्रतिबंधों और संरक्षणवाद पर भी चर्चा

BRICS देशों ने एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग दोहराई। घोषणापत्र में बढ़ते संरक्षणवाद और मनमाने टैरिफ को लेकर भी चिंता जताई गई।

BRICS के अनुसार, व्यापार में बढ़ती बाधाएं और कुछ हरित लेबल के तहत लगाए जाने वाले प्रतिबंध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकते हैं। इससे विकासशील देशों की आर्थिक प्रगति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई।

मानव-केंद्रित विकास पर भारत का जोर

भारत की BRICS अध्यक्षता 1 जनवरी 2026 से शुरू हुई थी। इसकी थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ रखी गई है। भारत ने अध्यक्षता के दौरान संस्थागत मजबूती, टिकाऊ विकास और वैश्विक सहयोग के साथ मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है।

दूसरे दिन का ओपन सेशन इसी व्यापक एजेंडे के तहत BRICS देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और वैश्विक विकास के लिए साझा रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान कर रहा है।

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