जनरल धीराज सेठ ने रूस की आर्टिलरी अकादमी का किया दौरा, प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर चर्चा
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस यात्रा के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग की मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा किया। इस दौरान प्रशिक्षण पद्धतियों, आधुनिक तकनीक और आर्टिलरी के आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई।
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग स्थित मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अकादमी के नेतृत्व और संकाय सदस्यों के साथ सैन्य प्रशिक्षण, प्रशिक्षण पद्धतियों और आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप तोपखाने के आधुनिकीकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
प्रशिक्षण पद्धतियों और आधुनिक तकनीक पर जोर
दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ ने अकादमी के विशेषज्ञों के साथ पेशेवर सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। बातचीत में बदलती सैन्य जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण के तौर-तरीकों को विकसित करने और आधुनिक तकनीकों को सैन्य क्षमताओं में शामिल करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
आर्टिलरी के आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उसकी क्षमता बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी दोनों पक्षों ने अनुभव साझा किए। ऐसे संवाद सैन्य प्रशिक्षण और संस्थागत अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं।
पीटर एंड पॉल फोर्ट्रेस में पारंपरिक तोप दागने का सम्मान
रूस यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ को सेंट पीटर्सबर्ग के ऐतिहासिक पीटर एंड पॉल फोर्ट्रेस में पारंपरिक तोप दागने का विशेष सम्मान भी दिया गया। यह कार्यक्रम उनके सेंट पीटर्सबर्ग दौरे का एक प्रमुख हिस्सा रहा।
भारत-रूस सैन्य संपर्क को मजबूत करने पर जोर
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जनरल धीरज सेठ की रूस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग और सैन्य-से-सैन्य संबंधों को मजबूत करना था। यात्रा के दौरान पेशेवर सैन्य सहयोग और प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर रूसी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी चर्चा हुई।
अकादमी का दौरा इसी व्यापक सैन्य संपर्क का हिस्सा था। भारतीय और रूसी सैन्य संस्थानों के बीच संवाद से प्रशिक्षण के अनुभव साझा करने, पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने और सैन्य शिक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
मॉस्को में भी कई अहम कार्यक्रम
रूस यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ ने मॉस्को में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रूसी लैंड फोर्सेस के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ पेशेवर सैन्य सहयोग और प्रशिक्षण सहित आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत की।
उन्होंने नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया और रूसी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समकालीन सैन्य घटनाक्रम तथा रक्षा सहयोग से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
लंबे रक्षा सहयोग के बीच अहम संपर्क
भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। जनरल धीरज सेठ की रूस यात्रा में सैन्य प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान पर हुई बातचीत इसी व्यापक रक्षा संबंध का हिस्सा रही। सेंट पीटर्सबर्ग की आर्टिलरी अकादमी में हुई चर्चा ने दोनों देशों के सैन्य संस्थानों के बीच संपर्क और प्रशिक्षण से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान को एक और मंच दिया।
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