नेपाल बाढ़ के बाद भारत की बड़ी मदद, 11 टन राहत सामग्री की एक और खेप भेजी
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत ने 11 टन राहत सामग्री की एक और खेप भेजी है। भारतीय वायुसेना की नौवीं उड़ान में दवाएं, फोरेंसिक सामान, टेंट, हाइजीन किट और स्लीपिंग बैग शामिल हैं।
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं पुनर्वास अभियान के बीच भारत ने मानवीय सहायता की एक और खेप भेजी है। भारत की ओर से शनिवार को 11 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। इसमें दवाओं के अलावा फोरेंसिक सामग्री, टेंट, हाइजीन किट, स्लीपिंग बैग और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।
यह खेप भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए नेपाल पहुंचाई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह नेपाल के लिए भारतीय वायुसेना की नौवीं राहत उड़ान है।
जयशंकर ने दी राहत सामग्री की जानकारी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नई राहत खेप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 टन की इस खेप में दवाएं, फोरेंसिक सप्लाई, टेंट, हाइजीन किट, स्लीपिंग बैग और अन्य जरूरी सामग्री भेजी गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस अपडेट को साझा किया। भारत ने कहा है कि वह नेपाल की रिकवरी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में सहयोग जारी रखेगा।
राहत सामग्री में फोरेंसिक उपकरण भी शामिल
भारत की सहायता केवल सामान्य राहत सामग्री तक सीमित नहीं है। बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता लोगों की पहचान तथा खोज एवं बचाव अभियानों के लिए फोरेंसिक सामग्री और डीएनए से संबंधित किट भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इससे पहले भेजी गई राहत खेपों में सुरंग और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरण तथा विशेषज्ञ दल भी शामिल रहे हैं। नेपाल में एक भारतीय टीम ने बचाव अभियानों में स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ सहयोग किया है।
अब तक नौ विशेष उड़ानें
नेपाल में आपदा के बाद भारत ने चरणबद्ध तरीके से राहत सामग्री भेजी है। 19 सितंबर की खेप भारतीय वायुसेना की नौवीं विशेष उड़ान के जरिए भेजी गई।
इससे पहले 9 सितंबर को आठवीं उड़ान के जरिए करीब 35 टन राहत और बचाव सामग्री नेपाल पहुंचाई गई थी। उसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) से जुड़े उपकरण, बचाव सामग्री, फोरेंसिक सप्लाई और अन्य जरूरी सामान शामिल था।
भारत की मौजूदा सहायता में अस्थायी आश्रय, कंबल, टेंट, स्लीपिंग बैग, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी शामिल रही हैं।
140 टन से ज्यादा सहायता भेजने का दावा
भारत की ओर से अब तक नेपाल को 140 टन से अधिक मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजे जाने की जानकारी दी गई है। इसमें चिकित्सा सामग्री के साथ-साथ खोज एवं बचाव के लिए विशेष उपकरण भी शामिल हैं।
भारत के व्यापक Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) ढांचे में विदेश मंत्रालय राहत अभियानों के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय करता है।
बचाव से लेकर पुनर्निर्माण तक सहयोग
भारत ने कहा है कि नेपाल में राहत अभियान के साथ-साथ आगे की रिकवरी और पुनर्निर्माण प्रक्रिया में भी सहयोग जारी रखा जाएगा।
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ चिकित्सा सहायता, खोज एवं बचाव और प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। नई राहत खेप इसी जारी सहायता अभियान का हिस्सा है।
भारत की ओर से भेजी जा रही लगातार राहत सामग्री और विशेष उपकरणों का उद्देश्य नेपाल को आपदा के तत्काल प्रभाव से निपटने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करना है।
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