India-New Zealand FTA: समझौते को मंजूरी मिलने पर PM लक्सन बोले- बढ़ेंगी नौकरियां और आमदनी
भारत के साथ FTA को न्यूजीलैंड की संसद ने 93-29 मतों से मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि समझौते से नौकरियों और आय के अवसर बढ़ सकते हैं और न्यूजीलैंड के उत्पादों को 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि समझौते से न्यूजीलैंड में रोजगार और आय के अवसर बढ़ सकते हैं और भारतीय बाजार में न्यूजीलैंड के उत्पादों की पहुंच भी मजबूत होगी।
लक्सन ने एक्स पर जताई खुशी
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर संसद से FTA को मंजूरी मिलने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले कई लोगों ने भारत के साथ व्यापार समझौते को मुश्किल या असंभव बताया था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे पूरा करने का लक्ष्य हासिल किया है।
लक्सन ने कहा कि उनकी नेशनल पार्टी ने पहले कार्यकाल के दौरान भारत के साथ FTA करने का वादा किया था और अब संसद से इसकी मंजूरी मिल गई है।
1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंच
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के मुताबिक, समझौते से न्यूजीलैंड के कारोबारियों के लिए भारत के लगभग 1.4 अरब लोगों के बाजार तक पहुंच के नए अवसर खुलेंगे। उनका कहना है कि इससे भारतीय बाजार में न्यूजीलैंड के अधिक उत्पाद पहुंच सकते हैं और इसका असर रोजगार तथा आय के अवसरों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने FTA को न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने से जोड़ते हुए कहा कि व्यापार बढ़ने से देश में आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिल सकता है।
न्यूजीलैंड संसद में 93-29 से मंजूरी
न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ FTA को 93-29 मतों से मंजूरी दी। इसके बाद समझौते को लागू करने की दिशा में दोनों देशों की घरेलू प्रक्रियाएं पूरी करना अगला चरण होगा।
न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के अनुसार, समझौता लागू होने के बाद भारत को न्यूजीलैंड के करीब 57 प्रतिशत निर्यात पर तत्काल कोई शुल्क नहीं लगेगा। FTA के पूरी तरह लागू होने पर लगभग 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या काफी कम किया जा सकता है।
बॉर्डर क्लीयरेंस में तेजी की उम्मीद
मैक्ले ने कहा कि FTA के तहत सीमा पर क्लीयरेंस प्रक्रिया को तेज करने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ भारत के बढ़ते उपभोक्ता बाजार में न्यूजीलैंड के खाद्य उत्पादों, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन और पेशेवर सेवाओं के लिए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड और भारत के बीच FTA वार्ता की घोषणा मार्च 2025 में की गई थी। न्यूजीलैंड सरकार को उम्मीद है कि दोनों देशों की आवश्यक मंजूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह समझौता 2026 के अंत तक लागू हो जाएगा।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
FTA को भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार बढ़ाने के व्यापक लक्ष्य से भी जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
नए व्यापार समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के निर्यातकों और कारोबारियों के लिए बाजार पहुंच से जुड़े नए अवसर सामने आने की उम्मीद है।
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