India-Vietnam Relations: जयशंकर बोले- तीन साल में भारत-वियतनाम संबंधों में हुई काफी प्रगति
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-वियतनाम की 19वीं Joint Commission Meeting में कहा कि पिछली बैठक के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने Enhanced Comprehensive Strategic Partnership और Act East Policy में वियतनाम की अहम भूमिका पर जोर दिया।
नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि पिछली जॉइंट कमीशन मीटिंग के बाद से भारत और वियतनाम के द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘Enhanced Comprehensive Strategic Partnership’ के स्तर तक आगे बढ़ाया है।
जयशंकर ने यह बात वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग के साथ 19वीं Joint Commission Meeting (JCM) के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बैठक दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और वादों की समीक्षा करने के साथ-साथ उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को ठोस परिणामों में बदलने का महत्वपूर्ण अवसर है।
राजकीय दौरों से रिश्तों को मिला नया आयाम
विदेश मंत्री ने कहा कि पिछली JCM के बाद वियतनाम से भारत के दो महत्वपूर्ण राजकीय दौरे हुए हैं। इनमें वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का हालिया भारत दौरा भी शामिल है।
जयशंकर के मुताबिक, इन उच्चस्तरीय यात्राओं के दौरान दोनों देशों के नेतृत्व ने भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूत करते हुए इसे Enhanced Comprehensive Strategic Partnership का रूप दिया।
उन्होंने कहा कि अब 19वीं JCM के जरिए दोनों देश पहले किए गए वादों और पहलों की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं तथा शीर्ष स्तर पर बनी राजनीतिक गति को आम लोगों के लिए ठोस और स्पष्ट नतीजों में बदलने पर ध्यान दे सकते हैं।
Act East Policy में वियतनाम अहम साझेदार
जयशंकर ने भारत की Act East Policy और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में वियतनाम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वियतनाम भारत की Act East Policy और इंडो-पैसिफिक के MAHASAGAR विजन में एक अहम साझेदार है।
उन्होंने ASEAN के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में भी वियतनाम की अहमियत को रेखांकित किया। भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ संपर्क और सहयोग बढ़ाने में वियतनाम को एक महत्वपूर्ण भागीदार माना जाता है।
BRICS Summit में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत
विदेश मंत्री जयशंकर ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में वियतनाम की भागीदारी का भी स्वागत किया। उन्होंने वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग को शिखर सम्मेलन में सार्थक भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।
वियतनाम ने BRICS Summit में ‘Partner Country’ के रूप में हिस्सा लिया। भारत की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क को भी आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
पीएम मोदी और वियतनाम के पीएम की मुलाकात
इससे पहले शनिवार को BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी ने BRICS Summit में साझेदार देश के तौर पर वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए।
इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-वियतनाम साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मई की यात्रा में बढ़ी रणनीतिक साझेदारी
भारत-वियतनाम संबंधों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership का नया स्तर मई में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दिया गया था।
यह कदम दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक विश्वास और रणनीतिक सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। दोनों देश राजनीतिक संवाद के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
साझा विरासत पर आधारित भरोसेमंद दोस्ती
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और वियतनाम के संबंध लंबे समय से आपसी विश्वास, समझ और साझा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रहे हैं। वियतनाम भारत की Act East Policy का एक प्रमुख स्तंभ है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
19वीं Joint Commission Meeting के जरिए दोनों देश अपने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने और भविष्य के लिए साझेदारी को और मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
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