Indonesia Volcano: ज्वालामुखी की राख से Jakarta Airport पर उड़ानें प्रभावित
इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाउ से निकली ज्वालामुखीय राख के कारण जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुछ समय के लिए उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, विलंबित या पुनर्निर्धारित की गईं। वहीं माउंट सिनाबुंग में भी विस्फोट के बाद आसपास के इलाकों में राख फैल गई। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मास्क पहनने की सलाह दी है।
इंडोनेशिया में ज्वालामुखीय गतिविधियों ने हवाई यातायात को प्रभावित किया है। जकार्ता के पास स्थित सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को रविवार तड़के कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। माउंट अनाक क्राकाटाउ से निकली ज्वालामुखीय राख हवाई अड्डे के आसपास पहुंचने के बाद विमान संचालन प्रभावित हुआ।
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, इस स्थिति का असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में 16 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि सात उड़ानों में देरी हुई और पांच को नए समय के अनुसार संचालित किया गया।
प्रभावित अंतरराष्ट्रीय मार्गों में सिंगापुर, हांगकांग, सिडनी, सियोल, दोहा, एम्स्टर्डम और कुआलालंपुर शामिल रहे। घरेलू सेवाओं में भी चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और एक उड़ान का मार्ग बदला गया। लैम्पुंग, डेनपासार और सुराबाया जाने वाली सेवाओं पर इसका असर पड़ा।
ज्वालामुखी की गतिविधियों पर लगातार नजर
नागरिक उड्डयन अधिकारियों के मुताबिक माउंट अनाक क्राकाटाउ की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर, हवाई यातायात सेवाएं और मौसम विभाग आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं, ताकि राख की स्थिति को देखते हुए उड़ानों का संचालन सुरक्षित तरीके से किया जा सके।
माउंट सिनाबुंग में भी हुआ विस्फोट
इंडोनेशिया में इससे पहले उत्तरी सुमात्रा स्थित माउंट सिनाबुंग में भी ज्वालामुखीय विस्फोट हुआ था। विस्फोट के बाद राख का घना गुबार हजारों मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और आसपास के क्षेत्रों में फैल गया।
ज्वालामुखी से निकली राख बेरास्तागी शहर तक पहुंच गई। सड़कों और वाहनों पर राख की परत जमने के कारण दृश्यता प्रभावित हुई। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
सिनाबुंग के आसपास प्रतिबंध
माउंट सिनाबुंग फिलहाल दूसरे स्तर के अलर्ट पर है। प्रशासन ने ज्वालामुखी के आसपास निर्धारित क्षेत्र में गतिविधियों पर रोक लगाई है। इसके साथ ही ज्वालामुखी से निकलने वाली नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को लाहार के संभावित खतरे को लेकर भी सतर्क किया गया है।
लाहार राख, मिट्टी और पानी के मिश्रण से बनने वाला तेज बहाव है, जो ज्वालामुखीय क्षेत्रों में अचानक खतरा पैदा कर सकता है।
डुकोनो ज्वालामुखी भी रहा सक्रिय
इंडोनेशिया में इस साल ज्वालामुखीय गतिविधियों की कई घटनाएं सामने आई हैं। मई में नॉर्थ मालुकु प्रांत के माउंट डुकोनो में हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हुई थी। उस दौरान राख का गुबार करीब 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया था।
इंडोनेशियाई अधिकारी फिलहाल सक्रिय ज्वालामुखियों की निगरानी कर रहे हैं और विमानन सेवाओं को ज्वालामुखीय राख से जुड़े जोखिमों को देखते हुए संचालन संबंधी फैसले लेने के निर्देश दिए गए हैं।
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