यूक्रेन युद्ध पर पुतिन का बड़ा बयान, अगले महीने वार्ता के लिए रूस तैयार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में अगले महीने बातचीत फिर शुरू करने की तैयारी जताई है। उन्होंने स्थायी शांति समझौते, रूस-यूक्रेन की सुरक्षा और यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया। वहीं, डोनबास क्षेत्र पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद कायम हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए होने वाली संभावित बातचीत में रूस और यूक्रेन की सुरक्षा के साथ पूरे यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि रूस अगले महीने अमेरिका की मध्यस्थता में यूक्रेन के साथ वार्ता फिर शुरू करने के लिए तैयार है।
रूसी सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में पुतिन ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात के एक दिन बाद कही। उन्होंने कहा कि रूस का उद्देश्य केवल अस्थायी संघर्षविराम हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसा समझौता करना है जो युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त कर सके।
स्थायी शांति समझौते पर पुतिन का जोर
पुतिन के मुताबिक, बातचीत का लक्ष्य शांति समझौते के अंतिम स्वरूप पर सहमति बनने के बाद रूस और यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ता में पूरे यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए और वह इस दृष्टिकोण से सहमत हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने दोहराया कि मॉस्को स्थायी समाधान की तलाश में बातचीत फिर शुरू करने के लिए तैयार है। हालांकि, वार्ता कब और किस प्रारूप में होगी, इस पर आगे की कूटनीतिक चर्चाओं के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
जेलेंस्की ने भी बातचीत के लिए दिखाई तैयारी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नॉर्वे में स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक के बाद कहा था कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने संघर्षविराम, युद्ध समाप्त करने, ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने और मानवीय पहल से जुड़े प्रस्तावों का समर्थन करने की बात कही।
रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए अमेरिका की ओर से कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित वार्ता का उद्देश्य युद्ध समाप्त करने के रास्ते तलाशना और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सहमति बनाने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
डोनबास क्षेत्र पर बना हुआ है विवाद
युद्ध समाप्त करने की राह में क्षेत्रीय नियंत्रण का मुद्दा सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। रूस चाहता है कि यूक्रेन पूर्वी डोनबास क्षेत्र के उन हिस्सों पर भी अपना दावा छोड़ दे, जो अभी कीव के नियंत्रण में हैं। यूक्रेन अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों को रूस को सौंपने के प्रस्तावों का विरोध करता रहा है।
पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रों को रूस की ऐतिहासिक भूमि बताया और वहां कराए गए जनमत संग्रह का हवाला दिया। रूस इन मतदान प्रक्रियाओं को अपने दावों के समर्थन में पेश करता है, जबकि यूक्रेन और कई अन्य देशों ने रूस के क्षेत्रीय दावों को स्वीकार नहीं किया है।
यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था भी बातचीत का हिस्सा
पुतिन ने कहा कि भविष्य की वार्ता में केवल रूस और यूक्रेन के बीच सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित रहने के बजाय पूरे यूरोप की सुरक्षा संरचना पर भी विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, स्टीव विटकॉफ ने भी इस व्यापक दृष्टिकोण पर चर्चा की थी।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने युद्ध समाप्त करने के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। ऐसे में किसी भी संभावित समझौते के लिए क्षेत्रीय विवाद, सुरक्षा गारंटी और संघर्षविराम की शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना अहम होगा।
फिलहाल, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। अगले महीने संभावित वार्ता को लेकर दोनों पक्षों की तैयारियों और उनके रुख पर आगे की प्रगति निर्भर करेगी।
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