BRICS Summit 2026 में जुटेंगे 500 से ज्यादा बड़े निवेशक, 1,000 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति पर नजर

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS Summit 2026 में 500 से ज्यादा संस्थागत निवेशकों की भागीदारी होगी। सम्मेलन में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, डिजिटल क्षमता, UPI, Pix और CBDC जैसे मुद्दों पर निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

Sep 05, 2026 - 16:57
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BRICS Summit 2026 में जुटेंगे 500 से ज्यादा बड़े निवेशक, 1,000 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति पर नजर

नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में दुनिया के बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी देखने को मिलेगी। आयोजकों के मुताबिक, सम्मेलन में 500 से अधिक संस्थागत निवेशक, पेंशन फंड और फैमिली ऑफिस शामिल होने की उम्मीद है। इन संस्थाओं के पास सामूहिक रूप से 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति प्रबंधन के तहत है।

दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा तथा डिजिटल क्षेत्र से जुड़ी निवेश योग्य परियोजनाओं के लिए सरकारों और वैश्विक निवेशकों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच निवेश पर फोकस

‘सॉवरेन वेल्थ फंड इंस्टीट्यूट’ (SWFI) के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक व्यापार और वित्तीय व्यवस्था में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अमेरिकी शुल्क नीतियों, व्यापारिक प्रतिबंधों और डॉलर आधारित लेनदेन की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियां ब्रिक्स देशों को अपनी आर्थिक और निवेश रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

आई-ब्रिक्स के प्रमुख सह-चेयरमैन और SWFI के चेयरमैन लक्ष्मी नारायणन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेश के पारंपरिक रास्तों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकारी मंत्रालयों और निवेश कोषों के बीच सीधे संवाद और सहयोग की जरूरत पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

UPI और Pix जैसे डिजिटल पेमेंट नेटवर्क पर भी चर्चा

सम्मेलन में वित्तीय तकनीक और डिजिटल भुगतान से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख चर्चा का हिस्सा रहेंगे। भारत के UPI और ब्राजील के Pix जैसे तेज भुगतान नेटवर्क को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

इसके अलावा केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी अलग-अलग देशों की डिजिटल मुद्राओं के बीच बेहतर लेनदेन व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निवेश जुटाने की कोशिश

ब्रिक्स मंच के जरिए सदस्य और साझेदार देशों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने पर भी जोर रहेगा। खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और डिजिटल क्षमता से जुड़ी परियोजनाओं को वैश्विक पूंजी उपलब्ध कराने के लिए निवेशकों और सरकारी संस्थाओं के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

इस सम्मेलन को बदलते वैश्विक व्यापार माहौल में ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग और निवेश के नए अवसर तलाशने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

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