NCC Aparajita-Parang La 2026: 20 महिला कैडेटों ने पार किया 5,578 मीटर ऊंचा परांग ला दर्रा
NCC की ‘अपराजिता-परांग ला 2026’ ट्रेकिंग मुहिम सफलतापूर्वक पूरी हो गई। 20 महिला NCC कैडेटों ने 30 दिनों में करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय कर 5,578 मीटर ऊंचे परांग ला दर्रे को पार किया।
राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की अखिल भारतीय बालिका हाई-एल्टीट्यूड ट्रेकिंग मुहिम ‘अपराजिता-परांग ला 2026’ सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। 16 सितंबर 2026 को लद्दाख के करज़ोक में अभियान दल का स्वागत NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने किया।
इस अभियान में देश के अलग-अलग हिस्सों से चुनी गई 20 महिला NCC कैडेटों ने हिस्सा लिया। टीम ने हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ने वाले करीब 5,578 मीटर ऊंचे परांग ला दर्रे को पार किया।
30 दिनों में तय किया 250 किलोमीटर का सफर
अभियान के दौरान कैडेटों ने लगभग 250 किलोमीटर की दूरी 30 दिनों में पूरी की। यह यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरी। टीम को ग्लेशियर, बर्फीले मैदान, नदी घाटियां और कठिन पहाड़ी रास्तों का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों, प्रशिक्षकों, चिकित्सा कर्मियों और सहयोगी स्टाफ की मौजूदगी में दल ने हिमाचल प्रदेश के किब्बर से लद्दाख के करज़ोक तक अपना सफर पूरा किया।
इस अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
कैडेटों में नेतृत्व और टीम वर्क पर जोर
अभियान के सफल समापन पर NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कैडेटों और अभियान से जुड़े स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की साहसिक गतिविधियां युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हाई-एल्टीट्यूड ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों से कैडेटों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और शारीरिक-सहनशक्ति विकसित करने में मदद मिलती है। कठिन परिस्थितियों में मिलकर काम करने का अनुभव उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करता है।
युवा महिलाओं को साहसिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहन
‘अपराजिता-परांग ला 2026’ का उद्देश्य युवा महिला कैडेटों को साहसिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अत्यधिक ऊंचाई वाले चुनौतीपूर्ण वातावरण का व्यावहारिक अनुभव देना था।
अभियान के जरिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाली कैडेटों को एक साझा चुनौती में शामिल किया गया। इससे आपसी सहयोग और टीम भावना के साथ राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता की भावना को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
कठिन परिस्थितियों में दिखाया साहस
किब्बर से करज़ोक तक की यात्रा के दौरान कैडेटों को बदलते मौसम, ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ना पड़ा। 5,578 मीटर ऊंचे परांग ला दर्रे को पार करना इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।
30 दिनों तक चले इस ट्रेक ने कैडेटों के लिए शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भी परीक्षा ली। अभियान का सफल समापन NCC की महिला कैडेटों के साहसिक प्रशिक्षण और नेतृत्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।
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