Special Campaign 6.0: इस्पात मंत्रालय 2 अक्टूबर से चलाएगा विशेष अभियान, ई-कचरे पर फोकस
इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 में भाग लेंगे। अभियान में ई-कचरा प्रबंधन, मशीनीकृत सफाई, लंबित मामलों के निपटारे और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 में भाग लेंगे। अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, टिकाऊ प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयास करना है। इस बार ई-कचरे के व्यवस्थित संग्रह, पृथक्करण और निपटारे को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेष अभियान 5.0 के अनुभवों को आगे बढ़ाया जाएगा
अक्टूबर 2025 में आयोजित विशेष अभियान 5.0 के दौरान इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने लंबित मामलों के निपटारे, अनुपयोगी फाइलों को हटाने और कार्यालयों में उपलब्ध जगह के बेहतर इस्तेमाल पर काम किया था।
मंत्रालय के अनुसार, इन गतिविधियों से रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार और कार्यालयी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने में मदद मिली। अभियान के दौरान शुरू किए गए कई प्रयासों को बाद की अवधि में भी जारी रखा गया।
अभियान के बाद भी जारी रहे स्वच्छता प्रयास
विशेष अभियान की समाप्ति के बाद मंत्रालय और उसके संबंधित संस्थानों में पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा, अनावश्यक सामग्री के निपटारे और कचरा प्रबंधन की प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने पर काम जारी रहा।
शिकायतों के निपटारे और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास भी किए गए। मंत्रालय का कहना है कि स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को एक बार की गतिविधि के बजाय लगातार चलने वाली प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
चार प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
विशेष अभियान 6.0 के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी:
- ई-कचरा प्रबंधन
- मशीनीकृत सफाई व्यवस्था
- लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा
- जागरूकता और जनभागीदारी
इन क्षेत्रों के जरिए कार्यालयों की स्वच्छता के साथ-साथ प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
ई-कचरे के व्यवस्थित निपटारे पर जोर
अभियान में ई-कचरा प्रबंधन को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संग्रह और पृथक्करण की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
ई-कचरे को उचित तरीके से अलग कर उसके व्यवस्थित निपटारे पर जोर रहेगा, ताकि कार्यालयों में अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रबंधन की प्रक्रिया बेहतर हो सके।
मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा
विशेष अभियान 6.0 में आधुनिक और मशीनीकृत सफाई पद्धतियों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कार्यस्थलों पर सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
लंबित मामलों का होगा समयबद्ध निपटारा
अभियान के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्य सरकारों, संसद और वीआईपी संदर्भों से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके साथ पुरानी फाइलों और दस्तावेजों की समीक्षा कर आवश्यक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने तथा अनुपयोगी सामग्री का निर्धारित प्रक्रिया के तहत निपटारा करने की गतिविधियां भी जारी रहेंगी।
डिजिटल माध्यम से जागरूकता और जनभागीदारी
स्वच्छता और बेहतर प्रशासन से जुड़े संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और जनसंपर्क गतिविधियों का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्रालय का लक्ष्य कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी स्वच्छता और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है।
दो चरणों में होगा अभियान
विशेष अभियान 6.0 को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। तैयारी चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें अभियान के लक्ष्यों की पहचान, कार्ययोजना तैयार करने और आधारभूत तैयारियों पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके बाद कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान निर्धारित गतिविधियों को जमीन पर लागू करने के साथ उनकी निगरानी और परिणामों का आकलन किया जाएगा।
नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर जोर
इस्पात मंत्रालय के अनुसार, विशेष अभियान 6.0 का उद्देश्य स्वच्छता के साथ शिकायत निवारण, रिकॉर्ड प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार को आगे बढ़ाना है। मंत्रालय कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में इन गतिविधियों को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
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