स्विस राष्ट्रपति गी पार्मेलिन आज जाएंगे जेवर एयरपोर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन 6 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे। वे एयरपोर्ट की यात्री, कार्गो और अन्य सुविधाओं का जायजा लेंगे। दौरे को लेकर दिल्ली से जेवर तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे। यह दौरा उनके 5 से 7 अक्टूबर तक चल रहे भारत के राजकीय दौरे का हिस्सा है। एयरपोर्ट पर उनके आगमन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
राष्ट्रपति पार्मेलिन एयरपोर्ट के आधुनिक टर्मिनल, बिजनेस सुविधाओं और कार्गो टर्मिनल समेत अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, स्विट्जरलैंड स्थित ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
करीब दो घंटे का प्रस्तावित कार्यक्रम
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पार्मेलिन के जेवर में करीब दो घंटे रहने का कार्यक्रम है। इस दौरान उन्हें एयरपोर्ट के यात्री और कार्गो संचालन के साथ-साथ वहां विकसित की जा रही आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। 5 अक्टूबर को पार्मेलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी राष्ट्रपति भवन में उनका स्वागत किया था।
दिल्ली-जेवर मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाई गई
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए दिल्ली से जेवर तक संभावित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात को नियंत्रित रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की भी अतिरिक्त तैनाती की गई है।
राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए। मंगलवार सुबह सुरक्षा इंतजामों का असर दिल्ली-नोएडा यातायात पर भी दिखाई दिया और डीएनडी फ्लाईवे समेत कुछ मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगीं।
ज्यूरिख एयरपोर्ट से जुड़ा है खास कनेक्शन
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्विस कनेक्शन भी इस दौरे को खास बनाता है। एयरपोर्ट का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कर रही है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
इसी वजह से राष्ट्रपति पार्मेलिन के दौरे को भारत-स्विट्जरलैंड के बीच विमानन, बुनियादी ढांचे और निवेश सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि ज्यूरिख और नोएडा के बीच सीधी उड़ान शुरू होने के बारे में किसी अंतिम निर्णय को इस दौरे के आधार पर निश्चित नहीं माना जा सकता।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के लिए अहम समय
पार्मेलिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) भी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है।
जेवर एयरपोर्ट का दौरा इस व्यापक आर्थिक और तकनीकी सहयोग के बीच स्विट्जरलैंड की विमानन विशेषज्ञता और भारत की तेजी से विकसित हो रही एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों के बीच संबंध को भी सामने लाता है।
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