अमेरिका और कोलंबिया के बीच दो बड़े समझौते, क्रिटिकल मिनरल्स और परमाणु ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा
अमेरिका और कोलंबिया ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के साथ असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के लिए दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों देश ऊर्जा, खनन, तकनीक और सुरक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाएंगे।
बैरेंक्विला: अमेरिका और कोलंबिया ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और कोलंबिया के विदेश मंत्री ओमर बुला ने मंगलवार को रुबियो की कोलंबिया यात्रा के दौरान बैरेंक्विला में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करना तथा पश्चिमी गोलार्ध में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन होगी मजबूत
महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े समझौते के तहत अमेरिका और कोलंबिया क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स के लिए सुरक्षित, विविध और निष्पक्ष सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में काम करेंगे।
दोनों देशों ने अगले छह महीनों में खनन और प्रोसेसिंग से जुड़ी संभावित परियोजनाओं की पहचान करने तथा उन्हें वित्तीय समर्थन उपलब्ध कराने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है।
इसके लिए लोन, गारंटी, इक्विटी निवेश, बीमा, नियामकीय सहायता और भविष्य में उत्पाद खरीदने से जुड़े समझौतों जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
समझौते में परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने, बाजार में स्थिरता के लिए प्राइस फ्लोर जैसे उपायों पर विचार करने और महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों की बिक्री से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा का प्रावधान भी शामिल है।
इसके अलावा खनिजों के पुनर्चक्रण की तकनीक, भूगर्भीय मैपिंग और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भी दोनों देश सहयोग करेंगे।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
दूसरे समझौते के तहत असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के लिए द्विपक्षीय ढांचा तैयार किया गया है। कोलंबिया अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परमाणु ऊर्जा की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
प्रस्तावित सहयोग परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत कोलंबिया की प्रतिबद्धताओं और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी व्यवस्था के अनुरूप होगा।
दोनों देश अमेरिकी परमाणु तकनीकों, एडवांस्ड रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) सहित अमेरिकी ईंधन, उपकरण और सेवाओं की संभावनाओं पर सहयोग तलाशेंगे।
परमाणु सहयोग केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें रिसर्च रिएक्टर, रेडियोआइसोटोप, न्यूक्लियर मेडिसिन, कृषि क्षेत्र और परमाणु कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया जा सकता है।
दोनों पक्षों ने परमाणु सुरक्षा, सिक्योरिटी और अप्रसार के उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
रुबियो ने बताया अमेरिका की व्यापक रणनीति
कोलंबिया की यात्रा से पहले मार्को रुबियो ने कोलंबिया, पेरू और इक्वाडोर की यात्रा को पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि तीनों देशों के साथ अमेरिका के मजबूत संबंध हैं और अंतरराष्ट्रीय अपराध तथा आतंकवाद से मुकाबला करने के अलावा आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर साझा हित मौजूद हैं।
रुबियो के मुताबिक, अमेरिका आने वाले समय में इन देशों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका और उसके रणनीतिक हितों के साथ बढ़ते तालमेल का हिस्सा है। उनके अनुसार, क्षेत्र में अमेरिकी मौजूदगी को मजबूत करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं से भी जुड़ा हुआ है।
रुबियो ने कोलंबिया को अमेरिका का लंबे समय से साझेदार बताया। वहीं इक्वाडोर को उन्होंने क्षेत्र में अमेरिका के करीबी सुरक्षा साझेदारों में शामिल किया। उन्होंने इक्वाडोर के साथ आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
पेरू के साथ हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बातचीत का भी रुबियो ने संकेत दिया। तीन देशों की यह यात्रा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय अपराध और व्यापार के साथ-साथ पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव को मजबूत करने की व्यापक कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
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